ओडिशा राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने गुटखा, पान मसाला तथा तंबाकू या निकोटीन युक्त सभी उत्पादों पर सख्त प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। इस नई अधिसूचना का उद्देश्य इन उत्पादों के दुरुपयोग को रोकना और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। यह प्रतिबंध निर्माण, बिक्री, भंडारण, परिवहन और वितरण—सभी पर लागू होगा। इसके साथ ही ओडिशा सुप्रीम कोर्ट के देशव्यापी निर्देशों के पूर्ण अनुपालन वाला राज्य बन गया है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार—
अलग-अलग बेचे जाने वाले लेकिन आपस में मिलाकर सेवन किए जाने वाले उत्पाद भी प्रतिबंध के दायरे में आएंगे।
यह प्रतिबंध—
किसी भी नाम या रूप में बेचे जाने वाले उत्पादों को शामिल कर लिया गया है, ताकि कानून से बचने के रास्ते बंद किए जा सकें।
1 फरवरी 2026 से, केंद्र सरकार तंबाकू और पान मसाला उत्पादों पर अधिक कर लगाएगी—
वित्त मंत्रालय ने चबाने वाले तंबाकू, जर्दा सुगंधित तंबाकू और गुटखा पैकिंग मशीनों से संबंधित नए नियम भी अधिसूचित किए हैं, जो 1 फरवरी 2026 से प्रभावी होंगे।
इस तिथि के बाद वर्तमान GST मुआवजा उपकर (Compensation Cess) समाप्त हो जाएगा।
यह व्यापक प्रतिबंध—
गुटखा, पान मसाला और तंबाकू के सभी रूपों को लक्षित कर, ओडिशा राज्य ने स्वास्थ्य संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए एक मजबूत कदम उठाया है।
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