विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने भारतीय शेयर बाजारों में एक बार फिर रुचि दिखाई है। 13 से 16 मई 2025 के बीच ₹4,452.3 करोड़ का निवेश किया गया, जो नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) के आंकड़ों से सामने आया है। इस तरह मई 2025 में अब तक FPI निवेश की कुल राशि ₹18,620 करोड़ हो गई है, जो साल की शुरुआत में हुई लगातार निकासी के बाद निवेशकों के विश्वास में महत्वपूर्ण सुधार को दर्शाता है।
मई के दूसरे सप्ताह में FPI निवेश में तेजी देखी गई।
वैश्विक अनिश्चितताओं में कमी और घरेलू आर्थिक दृष्टिकोण में सुधार ने विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया।
साल 2025 की अशांत शुरुआत के बाद यह निवेशक भावना में मजबूत पुनरुद्धार को दर्शाता है।
13 से 16 मई के बीच FPIs ने ₹4,452.3 करोड़ का शुद्ध निवेश किया।
केवल 16 मई को ₹5,746 करोड़ का निवेश हुआ — हफ्ते का सबसे ऊंचा आंकड़ा।
हालांकि, 13 मई को ₹2,388 करोड़ की शुद्ध निकासी हुई, जो मिश्रित बाजार संकेत दर्शाता है।
मई 2025 का अब तक का शुद्ध FPI निवेश: ₹18,620 करोड़।
अप्रैल 2025 में निवेश: ₹4,223 करोड़ — इससे पहले लगातार हो रही निकासी का रुख पलटा।
जनवरी से मार्च 2025 तक FPIs लगातार विक्रेता रहे:
जनवरी: ₹-78,027 करोड़
फरवरी: ₹-34,574 करोड़
मार्च: ₹-3,973 करोड़
2025 में अब तक कुल शुद्ध निकासी: ₹-93,731 करोड़
रक्षा क्षेत्र: +17%
पूंजी बाजार (Capital Markets): +11.50%
रियल एस्टेट (Reality): +10.85%
सभी प्रमुख सेक्टोरल सूचकांक पिछले सप्ताह सकारात्मक रूप से कारोबार करते देखे गए।
वैश्विक चिंताओं में कमी
स्थिर घरेलू आर्थिक संकेतक
चुनावी नतीजों को लेकर सकारात्मक अनुमान
रुपये में स्थिरता और कंपनियों की बेहतर तिमाही आय
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