अब आधार पर आपका पूरा नियंत्रण: नया ऐप लाया एआई, गोपनीयता उपकरण और बायोमेट्रिक लॉक फीचर

भारत की डिजिटल पहचान प्रणाली में बड़ा परिवर्तन लाते हुए, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने एक अपग्रेडेड आधार मोबाइल ऐप लॉन्च किया है, जिसमें उन्नत सुरक्षा और प्रमाणीकरण (Authentication) फीचर्स शामिल हैं। यह नया ऐप 140 करोड़ से अधिक नागरिकों के लिए डिजिटल पहचान प्रबंधन को और सशक्त बनाता है, जिसमें एआई-संचालित फेस ऑथेंटिकेशन, बायोमेट्रिक लॉक, और क्यूआर-आधारित पहचान सत्यापन जैसे फीचर्स शामिल हैं — जिससे आधार उपयोग अधिक सुरक्षित, सहज और उपयोगकर्ता-केंद्रित बन गया है।

एआई-संचालित फेस ऑथेंटिकेशन

इस नए ऐप की सबसे बड़ी विशेषता है कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित फेस रिकग्निशन तकनीक, जो सीधे उपयोगकर्ता की आधार फोटो से जुड़ती है —

  • अब बिना फिंगरप्रिंट या आइरिस स्कैन के संपर्करहित (Contactless) पहचान सत्यापन संभव है।

  • यह प्रक्रिया न केवल उपयोगकर्ताओं बल्कि सेवा प्रदाताओं के लिए भी सरल बनाती है।

  • भौतिक बायोमेट्रिक उपकरणों पर निर्भरता घटती है, जिससे यह तरीका अधिक सुलभ और स्वच्छ बनता है।

यह नवाचार भारत की डिजिटल-प्रथम शासन (Digital-First Governance) की दृष्टि के अनुरूप है, जो उपयोगकर्ताओं को केवल एक फेस स्कैन से अपनी पहचान प्रमाणित करने की सुविधा देता है।

उन्नत गोपनीयता और डेटा साझा करने का नियंत्रण

UIDAI ने इस ऐप में गोपनीयता संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है —

  • उपयोगकर्ता अब यह तय कर सकते हैं कि वे कौन-सी व्यक्तिगत जानकारी साझा करना चाहते हैं, जैसे नाम या फोटो, जबकि संवेदनशील डेटा सुरक्षित रहता है।

  • बिना किसी भौतिक दस्तावेज़ या फोटोकॉपी के पेपरलेस सत्यापन संभव होगा।

  • एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन के माध्यम से डेटा सुरक्षा और डिजिटल लेनदेन में विश्वास को मजबूत किया गया है।

यह सुविधा नागरिकों को उनकी पहचान पर पूर्ण नियंत्रण देती है, जिससे दुरुपयोग या अनधिकृत पहुंच की संभावना घटती है।

क्यूआर कोड आधारित ऑथेंटिकेशन

भारत की यूपीआई भुगतान प्रणाली से प्रेरित होकर, नया आधार ऐप अब क्यूआर-आधारित पहचान सत्यापन सुविधा प्रदान करता है —

  • केवल एक क्यूआर कोड स्कैन करके बैंक, हवाई अड्डा या सरकारी दफ्तर जैसे स्थानों पर तत्काल आधार सत्यापन किया जा सकता है।

  • यह प्रक्रिया डेटा एंट्री त्रुटियों को समाप्त करती है और रीयल-टाइम पहचान सत्यापन सुनिश्चित करती है।

  • यह सुविधा ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सेवा वितरण के लिए अत्यंत उपयोगी है।

बायोमेट्रिक लॉक और उन्नत सुरक्षा उपाय

गोपनीयता और अनधिकृत उपयोग की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए UIDAI ने बायोमेट्रिक लॉक सुविधा जोड़ी है —

  • उपयोगकर्ता किसी भी समय अपने फिंगरप्रिंट, आइरिस या फेस डेटा को लॉक या अनलॉक कर सकते हैं।

  • यह सुविधा किसी भी धोखाधड़ी या गलत ऑथेंटिकेशन प्रयासों को रोकती है।

  • जो लोग कई डिजिटल सेवाओं का उपयोग करते हैं, उनके लिए यह एक अतिरिक्त सुरक्षा कवच का काम करती है।

इन कदमों के साथ UIDAI ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि डेटा सुरक्षा, उपयोगकर्ता नियंत्रण और भरोसा आधार पारिस्थितिकी तंत्र (Aadhaar ecosystem) की मुख्य प्राथमिकताएं हैं।

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vikash

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