नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर ने दूसरा कार्यकाल सुरक्षित कर लिया

हाल ही में आयोजित नॉर्वे के संसदीय चुनाव में प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर (Jonas Gahr Stoere) के नेतृत्व वाली लेबर पार्टी ने लगातार दूसरी बार जीत हासिल की। पार्टी ने कुल 169 सीटों में से 87 सीटें जीतीं, जो बहुमत के लिए आवश्यक 85 सीटों से थोड़ा अधिक है। यह जीत ऐसे समय में आई है जब देश आर्थिक चुनौतियों, जीवन-यापन की बढ़ती लागत, यूक्रेन और गाजा युद्ध, तथा तेल उद्योग और सम्पत्ति कोष (Wealth Fund) में निवेश को लेकर गहन बहस का सामना कर रहा है।

राजनीतिक परिस्थिति और चुनौतियाँ

  • लेबर पार्टी को भले ही बहुमत मिल गया है, लेकिन संसद अब पहले से अधिक खंडित हो चुकी है।

  • स्टोरे को नीतियाँ लागू करने के लिए पाँच वामपंथी सहयोगी दलों पर निर्भर रहना होगा।

  • कर नीति, जलवायु परिवर्तन, और विदेशी निवेश जैसे संवेदनशील मुद्दों पर सहमति बनाना सरकार के लिए कठिन रहेगा।

आर्थिक और विदेश नीति की दुविधाएँ

  1. तेल और गैस निवेश – नॉर्वे का पेट्रोलियम क्षेत्र पर्यावरणीय दबाव में है। सहयोगी दल नए तेल अन्वेषण पर रोक लगाने की मांग कर सकते हैं।

  2. सॉवरेन वेल्थ फंड – 2 ट्रिलियन डॉलर से अधिक मूल्य वाले इस कोष से इज़राइली कंपनियों से निवेश हटाने की मांग गाजा संघर्ष के कारण उठ सकती है।

  3. कर और खर्च नीति – अमीर वर्ग पर कर बढ़ाकर सामाजिक योजनाओं के लिए फंड जुटाने का प्रस्ताव है, लेकिन यह मध्यमार्गी और वित्तीय अनुशासन चाहने वाले दलों से टकरा सकता है।

प्रोग्रेस पार्टी का ऐतिहासिक उभार

सबसे बड़ा राजनीतिक चौंकाव दक्षिणपंथी पॉपुलिस्ट प्रोग्रेस पार्टी (Progress Party) का रहा, जिसे सिल्वी लिस्थॉग (Sylvi Listhaug) के नेतृत्व में 48 सीटें मिलीं। यह पार्टी का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है, जो पिछले चुनाव की तुलना में दोगुना है।

लिस्थॉग (47 वर्ष) का चुनावी एजेंडा—

  • उच्च करों का विरोध

  • सरकारी फिजूलखर्ची पर रोक

  • सख्त आव्रजन नियंत्रण

  • अंतरराष्ट्रीय सहायता और हरित सब्सिडी में कटौती

उनकी छवि एक तेजतर्रार नेता की है, जो खुद को रोनाल्ड रीगन और मार्गरेट थैचर जैसी हस्तियों से प्रेरित मानती हैं। विश्लेषकों के अनुसार, बड़ी संख्या में युवा मतदाता, खासकर युवा पुरुष, उनके समर्थन में आए हैं—जो नॉर्वे की राजनीति में पीढ़ीगत बदलाव की ओर संकेत करता है।

स्थिर तथ्य

  • चुनाव तिथि: 8 सितंबर 2025

  • जीतने वाली पार्टी: लेबर पार्टी (87 सीटें, बहुमत 85)

  • प्रधानमंत्री: जोनास गहर स्टोर (दूसरी बार निर्वाचित)

  • प्रोग्रेस पार्टी: 48 सीटें (इतिहास का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन)

  • नॉर्वे की राजधानी: ओस्लो

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

दुनिया का सबसे जहरीला बिच्छू कौन सा है?, जानें कहाँ पाए जाते हैं सबसे ज्यादा बिच्छू

धरती पर मौजूद सबसे डरावने जीवों में बिच्छू (Scorpion) का नाम जरूर लिया जाता है।…

4 days ago

भारत में कहाँ है एशियाई शेरों का असली घर? दुनिया की इकलौती जगह जहाँ जंगल में आज़ादी से घूमते हैं Asiatic Lions

शेरों का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में अफ्रीका के विशाल जंगलों की तस्वीर…

6 days ago

भारत का कौन-सा राज्य कहलाता है “Spice Garden of India”? जिसके मसालें दुनिया-भर में है मशहूर

भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…

1 week ago

भारत का सबसे अमीर गांव कौन-सा है? यहां हर घर में करोड़ों की संपत्ति, बैंक में जमा हैं हजारों करोड़

भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…

1 week ago

क्या आप जानते हैं भारत का Tea Capital कौन-सा राज्य है? यहां उगती है सबसे ज्यादा चाय

रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…

1 week ago

भारत का कौन-सा शहर कहलाता है “Mini India”? जानिए क्यों मिली यह खास पहचान

भारत अपनी विविधता, संस्कृति, भाषाओं और परंपराओं के लिए दुनिया भर में जाना जाता है।…

1 week ago