उत्तर कोरिया के राष्ट्र प्रमुख रहे किम योंग नाम का निधन

उत्तर कोरिया के पूर्व औपचारिक राष्ट्राध्यक्ष और किम वंश के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले नेताओं में से एक किम योंग नाम (Kim Yong Nam) का 97 वर्ष की आयु में निधन हो गया। राज्य मीडिया ने 4 नवम्बर 2025 को उनके निधन की पुष्टि की। किम योंग नाम अपनी अडिग निष्ठा, सात दशक से अधिक की राजनीतिक सेवा, और किम शासन के प्रति वफादारी के लिए जाने जाते थे। उनका निधन उत्तर कोरियाई नौकरशाही के एक ऐतिहासिक युग का अंत माना जा रहा है।

किम वंश के प्रति आजीवन निष्ठा

  • किम योंग नाम का राजनीतिक करियर सात दशकों से अधिक चला — जो उत्तर कोरिया के इतिहास में सबसे लंबे प्रशासनिक कार्यकालों में से एक था।

  • वे 1998 से अप्रैल 2019 तक सर्वोच्च जनसभा (Supreme People’s Assembly) के प्रेसीडियम के अध्यक्ष रहे — यह पद उन्हें उत्तर कोरिया का औपचारिक राष्ट्राध्यक्ष बनाता था, हालांकि वास्तविक सत्ता सदैव किम परिवार के पास रही।

  • वे किम जोंग उन (Kim Jong Un) के रिश्तेदार नहीं थे, लेकिन उन्होंने किम इल सुंग, किम जोंग इल, और किम जोंग उन — तीनों पीढ़ियों के नेताओं का विश्वास बनाए रखा।

  • उनका प्रमुख दायित्व घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य का प्रतिनिधित्व करना था — विदेशी अतिथियों का स्वागत, और शासन की नीतियों को प्रदर्शित करने वाले भाषण देना।

राजनीतिक करियर की प्रमुख झलकियाँ

भूमिका अवधि / विवरण
वर्कर्स पार्टी में प्रवेश कोरियाई युद्ध (1950–53) के बाद
विदेश मंत्री 1983–1998 — सोवियत संघ के पतन और अंतरराष्ट्रीय अलगाव के दौर में कूटनीति संभाली
पोलितब्यूरो सदस्य 1978 से
औपचारिक राष्ट्राध्यक्ष (प्रेसीडियम अध्यक्ष) 1998–2019
अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधित्व गुटनिरपेक्ष आंदोलन (NAM) सम्मेलनों और अन्य तृतीय विश्व मंचों में भागीदारी

विदेशी राजनयिकों के अनुसार, किम योंग नाम संयमित लेकिन कठोर अनुशासनप्रिय व्यक्ति थे — जो हमेशा शासन द्वारा स्वीकृत भाषणों और बयानों का पालन करते थे।

प्रमुख ऐतिहासिक भूमिकाएँ

  • किम इल सुंग के निधन (1994) पर राज्य-स्तरीय शोक संदेश (eulogy) दिया।

  • 1997 में औपचारिक रूप से किम जोंग इल को राष्ट्रीय रक्षा आयोग के प्रमुख पद के लिए नामित किया।

  • 2018 प्योंगचांग शीतकालीन ओलंपिक में किम यो जोंग (किम जोंग उन की बहन) के साथ उत्तर कोरिया का प्रतिनिधित्व किया।

  • उसी समारोह में वे अमेरिकी उपराष्ट्रपति माइक पेंस के समीप बैठे — जो उस समय उत्तर कोरिया और अमेरिका के बीच संक्षिप्त कूटनीतिक पिघलाव (thaw) का प्रतीक था।

हालांकि वे ट्रंप–किम शिखर वार्ताओं में शामिल नहीं हुए, परंतु शुरुआती कूटनीतिक प्रयासों में उनकी उपस्थिति ने शासन की अनुभवी नेताओं पर भरोसे को दर्शाया।

पतन और उत्तराधिकारी

  • बढ़ती उम्र के कारण किम योंग नाम का प्रभाव उनके जीवन के अंतिम वर्षों में घटता गया।

  • अप्रैल 2019 में उन्हें चोए रयोंग हे (Choe Ryong Hae) द्वारा प्रतिस्थापित किया गया — जो किम जोंग उन की नई पीढ़ी की नेतृत्व शैली के अधिक निकट माने जाते हैं।

  • यह परिवर्तन उत्तर कोरिया की नेतृत्व पीढ़ी के बदलाव का संकेत था।

शिक्षा

  • जन्मस्थान: प्योंगयांग

  • शिक्षा:

    • किम इल सुंग विश्वविद्यालय (उत्तर कोरिया)

    • मॉस्को स्टेट यूनिवर्सिटी (सोवियत संघ)

उनकी सोवियत शिक्षा पृष्ठभूमि ने उन्हें गुटनिरपेक्ष और साम्यवादी देशों के बीच एक कुशल कूटनीतिज्ञ के रूप में स्थापित किया।

विरासत और महत्व

किम योंग नाम का जीवन उत्तर कोरियाई शासन के एक आदर्श नौकरशाह का प्रतीक था —

  • शासन के प्रति पूर्ण निष्ठा

  • राजनीतिक उथल-पुथल के बावजूद शीर्ष पदों पर बने रहना

  • शीतयुद्ध से लेकर उत्तर-सोवियत युग तक सक्रिय भूमिका

उनका निधन यह भी दर्शाता है कि किम जोंग उन के युग में उत्तर कोरिया के पुराने, अनुभवी प्रशासकों की जगह अब नई, रहस्यमय और सीमित सार्वजनिक उपस्थिति वाली पीढ़ी ले रही है।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

EU ने ईरान के IRGC को आतंकवादी ग्रुप क्यों घोषित किया है?

एक ऐतिहासिक और राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील निर्णय में यूरोपीय संघ (EU) ने औपचारिक…

20 mins ago

भारत 10 साल बाद अरब देशों के विदेश मंत्रियों से क्यों मिल रहा है?

भारत एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक आयोजन की मेज़बानी करने जा रहा है, जो अरब दुनिया के…

29 mins ago

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन के लिए 100 मीटर लंबा स्टील का पुल कैसे बनाया गया?

भारत की महत्वाकांक्षी मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना ने एक और महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग माइलस्टोन पार कर…

46 mins ago

भारत में NPA में तेज़ी से गिरावट और बैंकों के मुनाफ़े में बढ़ोतरी की वजह क्या है?

भारत की बैंकिंग और वित्तीय प्रणाली दशकों में अपनी सबसे मजबूत नींव दिखा रही है।…

58 mins ago

कर्नाटक भारत के GenAI बूम स्टार्टअप्स पर हावी क्यों है?

भारत की जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (GenAI) इकोसिस्टम रिकॉर्ड गति से बढ़ रही है, और कर्नाटक…

2 hours ago

PFRDA की NPS स्वास्थ्य योजना क्या है और यह अस्पताल खर्च कैसे कवर करती है?

भारत के पेंशन नियामक ने एक अभिनव पायलट योजना शुरू की है। 27 जनवरी 2026…

4 hours ago