NeGD ने IIT Delhi में सरकारी अधिकारियों के लिए शासन में AI प्रशिक्षण का शुभारंभ किया

भारत में डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के तहत राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग (NeGD) ने गवर्नेंस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर 2-दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। आईआईटी दिल्ली के प्रबंधन अध्ययन विभाग (डीएमएस) में आयोजित इस पहल का उद्देश्य केंद्रीय और राज्य विभागों के सरकारी अधिकारियों को आवश्यक एआई ज्ञान और शासन, सार्वजनिक सेवा वितरण और नीति कार्यान्वयन में इसके व्यावहारिक अनुप्रयोगों से लैस करना है।

समाचार में क्यों?

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के तहत राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग (NeGD) ने “शासन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI in Governance)” पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। यह प्रशिक्षण 26 जून 2025 को IIT दिल्ली के प्रबंधन अध्ययन विभाग (DMS) में प्रारंभ हुआ और इसका उद्देश्य केंद्र व राज्य सरकारों के अधिकारियों को AI की व्यावहारिक समझ और गवर्नेंस में इसके अनुप्रयोग के लिए प्रशिक्षित करना है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम की मुख्य बातें

  • अवधि: 2 दिन (26–27 जून 2025)

  • स्थान: प्रबंधन अध्ययन विभाग, IIT दिल्ली

  • प्रतिभागी: 59 सरकारी अधिकारी (केंद्र व राज्य मंत्रालयों/विभागों से)

  • आयोजक: राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग (NeGD), MeitY

  • शैक्षणिक भागीदार: IIT दिल्ली

उद्देश्य

  • सरकारी सेवाओं में उत्तरदायी और नैतिक AI को अपनाने की क्षमता निर्माण।

  • अधिकारियों को AI नीतियों, कानूनी व नैतिक मुद्दों, डिजिटल परिवर्तन की समझ देना।

  • बेहतर निर्णय-निर्माण, सेवा वितरण और नागरिक सहभागिता हेतु AI का प्रयोग सिखाना।

प्रशिक्षण की विशेषताएँ

  • विशेषज्ञों द्वारा इंटरैक्टिव सत्र

  • वास्तविक सरकारी परिदृश्य में AI उपयोग को समझाने हेतु समूह अभ्यास

  • प्रशासन में सफल AI परियोजनाओं पर अध्ययन

पृष्ठभूमि और महत्त्व

  • यह कार्यक्रम डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के ‘कैपेसिटी बिल्डिंग योजना चरण-III (CB Phase III)’ के अंतर्गत आयोजित किया गया है।

  • इसका उद्देश्य सरकारी अधिकारियों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाना और उन्हें AI-सक्षम गवर्नेंस सुधारों का नेतृत्व करने के लिए तैयार करना है।

रणनीतिक महत्त्व

  • भारतीय नौकरशाही को तकनीकी चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार करता है।

  • नीतिगत समझ और व्यावहारिक AI कार्यान्वयन के बीच की दूरी को कम करता है।

  • डिजिटल-प्रथम (Digital First) गवर्नेंस के राष्ट्रीय लक्ष्यों को साकार करने में सहायक है।

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vikash

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