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NCLT ने Zee-Sony विलय पर लगाई मुहर, बनेगी 10 अरब डॉलर की मीडिया कंपनी

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नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) ने जी एंटरटेनमेंट एंटप्राइजेज लिमिटेड (जेडईईएल) और सोनी पिक्चर्स के विलय को अपनी मंजूरी दी है। जी और सोनी ने दिसंबर 2021 में मर्जर का एलान किया था। अब एनसीएलटी की ओर से जी एंटरटेनमेंट-सोनी के मर्जर को मंजूरी दे दी गई है। ट्रिब्यूनल ने 10 जुलाई 2023 को इस मामले में अपने आदेश को रिजर्व रखा था। ट्रब्युनल ने 10 अगस्त को सभी आपत्तियों को खारिज करते विलय को अपनी झरी झंडी दे दी है। एनसीएलटी के इस फैसले के बाद कंपनी के शेयरों में लगभग 10 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है।

 

विलय अनुमोदन और एकीकरण रोडमैप

यह निर्णय सदस्य मधु सिन्हा के साथ न्यायमूर्ति एचवी सुब्बा राव के नेतृत्व वाले पैनल द्वारा सुनाया गया था। इस मंजूरी के साथ, ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज और कल्वर मैक्स एंटरटेनमेंट आगामी सप्ताह में एकीकरण प्रक्रिया को शुरू करने के लिए तैयार हैं। एच वी सुब्बा राव और मधु सिन्हा की पीठ ने इस विलय को लेकर दायर सभी आपत्तियों को भी खारिज कर दिया। न्यायाधिकरण ने एक्सिस फाइनेंस, जेसी फ्लावर एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी, आईडीबीआई बैंक, आईमैक्स कॉर्प और आईडीबीआई ट्रस्टीशिप जैसे कर्जदाताओं की दलीलें सुनी थीं।

 

मर्ज की गई इकाई के साथ मनोरंजन परिदृश्य को नया आकार देना

विलय की गई इकाई मनोरंजन उद्योग के परिदृश्य को नया आकार देने के लिए तैयार है। इन दो उद्योग दिग्गजों की सहयोगात्मक ताकत असाधारण मनोरंजन के एक नए युग की शुरुआत करने, दर्शकों को लुभाने और भारत के प्रमुख मनोरंजन क्षेत्र के प्रक्षेप पथ को आकार देने की क्षमता रखती है। यह परिवर्तन केवल उद्योग की गतिशीलता की पुनर्परिभाषा से आगे तक फैला हुआ है।

 

भारत में राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की भूमिका

भारत में एक अर्ध-न्यायिक इकाई के रूप में कार्य करने वाला राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण, भारतीय निगमों से संबंधित मामलों पर निर्णय लेने की जिम्मेदारी रखता है। ट्रिब्यूनल का गठन कंपनी अधिनियम 2013 के तहत किया गया था और वर्ष 2016 में गठित किया गया था। एनसीएलटी कंपनियों के समझौते, मध्यस्थता, व्यवस्था, पुनर्निर्माण, निपटान और समापन में शामिल है। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल भारत के कंपनी अधिनियम द्वारा दी गई शक्तियों के अनुसार कार्य करता है। सुप्रीम कोर्ट के द्वारा कंपनियों के संबंध में कानूनों को संभालने के लिए NCLT को स्थापित किया गया है। NCLT भी एक तरह का कोर्ट ही है और कंपनियों से जुड़े मामले इसमें आते हैं।

 

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुख्य बातें

  • राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण के अध्यक्ष: श्री रामलिंगम सुधाकर
  • ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी: पुनित गोयनका

 

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FAQs

एनसीएलटी क्या है और इसका कार्य क्या है?

राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण या एनसीएलटी भारत में एक अर्ध-न्यायिक निकाय है जो देश में कंपनियों से संबंधित मुद्दों पर निर्णय देता है। इसका गठन 1 जून 2016 को कंपनी अधिनियम 2013 (धारा 408) के प्रावधानों के अनुसार किया गया था।