नवरोज़ 2024: इतिहास और महत्व

Parsi New Year 2024: पारसी समुदाय के लोगों के लिए नवरोज का पर्व बहुत खास माना जाता है। नवरोज से पारसी नववर्ष की शुरुआत मानी जाती है। हर साल लोग हर्षोल्लास के साथ इस पर्व को मनाते हैं। नवरोज दो पारसी शब्दों नव और रोज से मिलकर बना है, जिसका अर्थ है- नया दिन। इस दिन से ही ईरानी कैलेंडर की भी शुरुआत होती है।

 

360 दिनों का ही होता है एक वर्ष

नवरोज का उत्सव पारसी समुदाय में पिछले तीन हजार साल से मनाया जाता रहा है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार एक साल में 365 दिन होते हैं, लेकिन पारसी समुदाय के लोग 360 दिनों का ही साल मानते हैं। बाकी पांच दिन गाथा के रूप में मनाए जाते हैं। इन पांच दिनों में सभी लोग मिलकर अपने पूर्वजों को याद करते हैं।

 

नवरोज़ 2024 – वैश्विक पालन और सांस्कृतिक विरासत

नवरोज़ राष्ट्रीय और धार्मिक सीमाओं से परे है, जिसे दुनिया भर में विभिन्न समुदायों द्वारा मनाया जाता है। 2010 में, संयुक्त राष्ट्र महासभा ने दुनिया भर में लाखों लोगों द्वारा साझा की जाने वाली सांस्कृतिक विरासत के रूप में इसके महत्व को स्वीकार करते हुए, 21 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय नौरोज़ दिवस के रूप में मान्यता दी। ईरान से परे, नवरोज़ अफगानिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, अजरबैजान, तुर्कमेनिस्तान, कुर्दिस्तान क्षेत्र, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, भारत और पाकिस्तान सहित फ़ारसी संस्कृति से प्रभावित देशों में मनाया जाता है, जो इसकी सार्वभौमिक अपील और स्थायी विरासत का उदाहरण है।

 

नवरोज का इतिहास

मान्यताओं के अनुसार कहा जाता है कि पारसी समुदाय के लोग नवरोज का पर्व फारस के राजा जमशेद की याद में मनाते हैं। करीब तीन हजार साल पहले इसी दिन पारसी समुदाय के एक योद्धा जमशेद ने पारसी कैलेंडर की स्थापना की थी। वहीं एक अन्य मान्यता के अनुसार इसी दिन ईरान में जमदेश ने सिंहासन ग्रहण किया था। उस दिन को पारसी समुदाय में नवरोज कहा गया था। तब से आज तक लोग इस दिन को नए साल के रूप में मनाते हैं।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

भारतीय अभिनेत्री ऋतुपर्णा सेनगुप्ता को यूके में अंतरराष्ट्रीय सम्मान

भारतीय अभिनेत्री ऋतुपर्णा सेनगुप्ता को 'महिला सशक्तिकरण पुरस्कार' से सम्मानित किया गया है। उन्हें वर्ष…

1 day ago

अंतर्राष्ट्रीय नवरोज़ दिवस 2026: परंपरा, संस्कृति और एकता का उत्सव

अंतर्राष्ट्रीय नवरोज़ दिवस (International Nowruz Day) हर वर्ष 21 मार्च को मनाया जाता है। यह…

1 day ago

विश्व हिमनद दिवस 2026: पृथ्वी के जमे हुए जल भंडारों की सुरक्षा

विश्व हिमनद दिवस 2026 हर वर्ष 21 मार्च को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य पृथ्वी…

1 day ago

फरवरी 2026 में भारत की कोर सेक्टर वृद्धि 2.3%: क्या संकेत देते हैं आंकड़े?

फरवरी 2026 में भारत के आठ प्रमुख उद्योगों के सूचकांक (Index of Eight Core Industries…

1 day ago

अंतर्राष्ट्रीय नस्लीय भेदभाव उन्मूलन दिवस 2026: इतिहास और महत्व

अंतर्राष्ट्रीय नस्लीय भेदभाव उन्मूलन दिवस हर वर्ष 21 मार्च को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य…

1 day ago

क्लाइमेट चेंज का असर: 2050 तक घटेगी दुनियाभर में फिजिकल एक्टिविटी

हाल ही में The Lancet Global Health में प्रकाशित एक अध्ययन में चेतावनी दी गई…

1 day ago