वियतनाम ने भारतीय निवेशकों और पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए 10 वर्षीय गोल्डन वीज़ा शुरू किया

एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, वियतनाम ने अपने वैश्विक स्वरूप को एक अल्पकालिक पर्यटन स्थल से एक सतत व्यापार और सांस्कृतिक केंद्र में बदलने की दिशा में पहल की है। इसके तहत वियतनाम ने एक 10 वर्षीय गोल्डन वीजा पेश किया है, जिसका उद्देश्य विदेशी निवेशकों, पेशेवरों और दीर्घकालिक पर्यटकों, विशेष रूप से भारत से आने वालों को आकर्षित करना है। यह वीज़ा नीति वियतनाम की नवाचार, आर्थिक साझेदारी और दक्षिण-पूर्व एशिया में अंतरराष्ट्रीय गतिशीलता को बढ़ावा देने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।

समाचार में क्यों?

वियतनाम ने आधिकारिक रूप से 10 वर्षीय नवीकरणीय गोल्डन वीजा योजना की घोषणा की है, जो भारतीय उद्यमियों, पर्यटकों और डिजिटल पेशेवरों को आकर्षित करने के उद्देश्य से शुरू की जा रही है। यह पहल लंबे समय तक रहने वाले लोगों के बीच सस्ते और अवसर-समृद्ध देशों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए की गई है।

वियतनाम के गोल्डन वीजा की मुख्य विशेषताएँ:

  • विदेशी निवेशकों और कुशल पेशेवरों को 10 वर्ष का निवास वीजा, जिसे नवीनीकृत किया जा सकता है।

  • पर्यटन, नवाचार और आर्थिक विकास में योगदान देने वालों को प्राथमिकता।

  • पात्रता मानदंड अभी तय किए जाने हैं, परंतु ऐसे लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी जो अर्थव्यवस्था में सार्थक योगदान कर सकें।

  • डिजिटल-फर्स्ट आवेदन प्रक्रिया की संभावना, जो मौजूदा ई-वीज़ा प्रणाली पर आधारित होगी।

पृष्ठभूमि और महत्व:

  • वियतनाम पहले से ही भारतीय पर्यटकों के बीच एक लोकप्रिय अल्पकालिक गंतव्य है।

  • दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता से सीधी उड़ानों के चलते वियतनाम अब अधिक सुलभ हो गया है।

  • कम लागत, सुरक्षा, और बढ़ते प्रवासी समुदाय के साथ, वियतनाम अब दीर्घकालिक निवासियों को आकर्षित कर रहा है।

  • यह कदम वियतनाम की इस रणनीति को दर्शाता है कि वह व्यापार, रिमोट वर्क और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए एक अंतरराष्ट्रीय केंद्र बनना चाहता है।

भारत–वियतनाम संबंधों पर प्रभाव:

भारत अब वियतनाम के पर्यटन क्षेत्र के लिए एक प्रमुख स्रोत बाजार बन गया है।
गोल्डन वीजा से व्यापार और निवेश के क्षेत्र में संबंध मजबूत होंगे, विशेष रूप से इन क्षेत्रों में:

  • आईटी और डिजिटल सेवाएं

  • वस्त्र उद्योग

  • नवीकरणीय ऊर्जा

  • पर्यटन अवसंरचना

वियतनाम की रणनीतिक दृष्टि:

  • अल्पकालिक पर्यटन से दीर्घकालिक आर्थिक भागीदारी की ओर बदलाव।

  • वैश्विक प्रतिभा और निवेश को आकर्षित करना ताकि GDP और नवाचार में वृद्धि हो।

  • दक्षिण-पूर्व एशिया में व्यापार गंतव्य के रूप में वियतनाम की भूमिका को सुदृढ़ करना।

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vikash

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