जिन्सन जॉनसन, भारत के प्रसिद्ध मध्य-दूरी धावक, ने प्रतिस्पर्धी एथलेटिक्स से संन्यास की घोषणा की है। 34 वर्षीय केरल के इस एथलीट ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया और अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के माध्यम से कई महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल कर राष्ट्रीय पहचान बनाई। उनका संन्यास राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में एक दशक से अधिक समय तक चले उनके गौरवशाली एथलेटिक करियर का समापन है।
जिन्सन जॉनसन का संन्यास भारतीय मध्य-दूरी दौड़ में एक युग के अंत का प्रतीक है। उनकी उपलब्धियों ने वैश्विक मंच पर भारत की एथलेटिक पहचान को सशक्त किया:
स्वर्णिम क्षण: 2018 एशियन गेम्स (जकार्ता)
जिन्सन जॉनसन का करियर का सबसे यादगार और गौरवपूर्ण पल 2018 जकार्ता एशियन गेम्स में आया, जहाँ उन्होंने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया:
800 मीटर राष्ट्रीय रिकॉर्ड (2018):
| उपलब्धि | विवरण |
| टूटा हुआ रिकॉर्ड | श्रीराम सिंह का 42 वर्ष पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड |
| नया समय | 1:45.65 सेकंड |
| स्थान | गुवाहाटी राष्ट्रीय अंतर-राज्यीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप |
| महत्व | 42 वर्षों से चला आ रहा ऐतिहासिक रिकॉर्ड तोड़ने वाले पहले भारतीय धावक बने |
जिन्सन जॉनसन ने 1500 मीटर दौड़ में भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल कीं और लगातार दो बार राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा।
पहला राष्ट्रीय रिकॉर्ड (2018)
कॉमनवेल्थ गेम्स, गोल्ड कोस्ट में जिन्सन जॉनसन ने 3:37.86 सेकंड का समय लेकर बहादुर प्रसाद का 23 वर्ष पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा। इस रेस में उन्होंने फाइनल में 5वाँ स्थान प्राप्त किया, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए एक उल्लेखनीय प्रदर्शन था।
दूसरा राष्ट्रीय रिकॉर्ड (2019)
2019 में बर्लिन मीट के दौरान जिन्सन जॉनसन ने अपने ही रिकॉर्ड को और बेहतर करते हुए 3:35.24 सेकंड का समय निकाला। यह समय किसी भी भारतीय धावक द्वारा 1500 मीटर में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा और इससे उनकी निरंतर प्रगति तथा विश्वस्तरीय क्षमता स्पष्ट हुई।
| वर्ष | आयोजन | उपलब्धि |
| 2018 | जकार्ता एशियाई खेल | 1500 मीटर स्वर्ण (3:44.72 सेकंड), 800 मीटर रजत |
| 2018 | गुवाहाटी (राष्ट्रीय प्रतियोगिता) | 800 मीटर में 42 वर्ष पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा (1:45.65 सेकंड) |
| 2018 | गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स | 1500 मीटर में 23 वर्ष पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा (3:37.86 सेकंड) |
| 2019 | बर्लिन मीट | 1500 मीटर का राष्ट्रीय रिकॉर्ड और बेहतर किया (3:35.24 सेकंड) |
| 2026 | सेवानिवृत्ति | पेशेवर एथलेटिक्स करियर का समापन |
स्थापित रिकॉर्ड्स
जिन्सन जॉनसन ने भारतीय एथलेटिक्स पर अमिट छाप छोड़ी। उन्होंने भविष्य की पीढ़ियों के लिए राष्ट्रीय मानक स्थापित किए और यह साबित किया कि भारतीय धावक मध्य-दूरी स्पर्धाओं में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम हैं। उनके रिकॉर्ड-तोड़ प्रदर्शन ने देशभर के युवा धावकों को प्रेरित किया और केरल को राष्ट्रीय एथलेटिक मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाई।
अंतरराष्ट्रीय पहचान
जिन्सन जॉनसन ने विश्व-स्तरीय मध्य-दूरी धावकों के साथ प्रतिस्पर्धा की और कई सत्रों तक लगातार उच्च प्रदर्शन बनाए रखा। उन्होंने विभिन्न महाद्वीपीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया और वैश्विक मंच पर भारतीय एथलेटिक्स को गौरवान्वित किया।
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