Home   »   नेशनल मैंगो डे 2024: इतिहास और...

नेशनल मैंगो डे 2024: इतिहास और महत्व

नेशनल मैंगो डे 2024: इतिहास और महत्व |_3.1

हर साल 22 जुलाई को नेशनल मैंगो डे मनाया जाता है। यह दिन आम को समर्पित होता है। नेशनल मैंगो डे का दिन लोगों को आम के महत्व और खूबसूरती के प्रति जागरूक करता है। आम को फलों का राजा भी कहा जाता है। यह अपने स्वाद, पोषण और गंध के लिए फेमस है। न सिर्फ भारत बल्कि विदेशों में भी आम बड़े चाव से खाया जाता है।

आम पहली बार भारत में 5,000 साल पहले उगाया गया था, भारत में, आम प्यार का प्रतीक है और इसे दोस्ती का संकेत भी माना जाता है। आम के पत्ते, साथ ही छाल, त्वचा, गड्ढे और मांस, सदियों से लोक उपचार के रूप में उपयोग किए जाते रहे हैं। आम का काजू और पिस्ता से संबंध है। वे सभी एनाकार्डिसी परिवार से संबंधित हैं।

आम के प्रकार

बता दें कि विश्व में कई प्रकार के आम पाए जाते हैं, जैसे- लंगडा, बागदासरी, दशहरी, अल्फांसो और केसर आदि। हर आम की अपनी विशेषता और स्वाद होता है। आम का उपयोग शेक, चटनी, आमरस, आचार, जूस और स्वादिष्ट आइसक्रीम के तौर पर भी किया जाता है।

नेशनल मैंगो डे के मौके पर लोग आम से बने विभिन्न पकवानों का आनंद लेने और आम खाने आदि में अपना समय बिताते हैं। इसके अलावा कला संस्थानों और स्कलों आदि में आम से संबंधित एक्टिविटी करवाई जाती हैं।

महत्व

आम को भारतीय संस्कृति, समृद्धि और प्रकृति के साथ सम्बंधित माना जाता है। यह फल मिठास और सुंदरता के अलावा स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना जाता है।

नेशनल मैंगो डे का इतिहास

पहली बार 22 जुलाई 2005 में नेशनल मैंगो डे का आयोजन किया गया था। इस दिन को मनाने के पीछे का उद्देश्य लोगों को इसकी महत्वपूर्णता और उसके अन्यभावी गुणों को समझाना है। प्राचीनकाल से आम भारतीय लोगों की डाइट का हिस्सा रहा है। इसके साथ ही आम में विटामिन A, विटामिन C, और फाइबर जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जोकि हमारे शरीर के लिए जरूरी होते हैं। आम में अंशकारी वसा पाई जाती है, जो हमारी स्किन के लिए अच्छा माना जाता है।

prime_image
QR Code
Scan Me