राष्ट्रीय रक्षा दिवस प्रत्येक वर्ष 3 मार्च को भारत में मनाया जाता है ताकि सशस्त्र बलों के बलिदान और वीरता को सम्मानित किया जा सके, जिन्होंने देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा की है। वर्ष 2025 में इस दिवस की 87वीं वर्षगांठ मनाई गई। यह दिन भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के साहस और समर्पण को श्रद्धांजलि देने के साथ-साथ बाहरी और आंतरिक खतरों से राष्ट्र की सुरक्षा में उनकी भूमिका को पहचानने का अवसर प्रदान करता है।
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तारीख: 3 मार्च
उद्देश्य: भारतीय सशस्त्र बलों को श्रद्धांजलि अर्पित करना और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को स्वीकार करना।
| सारांश/स्थिर विवरण | विवरण |
| क्यों चर्चा में? | राष्ट्रीय रक्षा दिवस, तिथि, महत्व, उद्देश्य |
| कब मनाया जाता है? | प्रत्येक वर्ष 3 मार्च |
| पहली बार मनाया गया | 3 मार्च 1933 |
| स्थापना किसने की? | लॉर्ड इरविन (भारत के वायसराय) |
| महत्व | सशस्त्र बलों के बलिदानों को सम्मान देना, राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना, देशभक्ति को प्रोत्साहित करना |
| उत्सव और आयोजन | परेड, ध्वजारोहण, पुष्पांजलि अर्पण, प्रदर्शनी, शैक्षिक कार्यक्रम, रक्तदान शिविर |
| ऐतिहासिक महत्व | प्रथम विश्व युद्ध में भारतीय सैनिकों के योगदान और 1857 के स्वतंत्रता संग्राम की वीरता को मान्यता देना |
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