देश के सबसे पुराने पेशेवर संस्थानों में से एक, इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) की स्थापना के उपलक्ष्य में हर साल 1 जुलाई को सीए दिवस मनाया जाता है। भारत की संसद द्वारा 1949 में स्थापित, आईसीएआई दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा लेखा और वैधानिक निकाय है। वहीं भारत का राष्ट्रीय पेशेवर लेखा निकाय है।
गौरतलब है कि दुनिया भर में आईसीएआई और चार्टर्ड अकाउंटेंट के लगभग 2.5 लाख सदस्यों को सम्मानित करने के लिए प्रतिवर्ष सीए दिवस मनाया जाता है। जैसे-जैसे हम 2024 के उत्सव के करीब पहुंच रहे हैं, आइए इस महत्वपूर्ण दिन के इतिहास, महत्व और प्रभाव पर गौर करें।
सीए दिवस का महत्व
चार्टर्ड अकाउंटेंट को भारत में सबसे सम्मानित और महान व्यवसायों में से एक माना जाता है। सीए हमारे देश के आर्थिक विकास में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। भारत में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को सम्मानित करने के लिए यह दिन मनाया जाता है। आईसीएआई भारत में लेखांकन पेशे के बेहतर विनियमन के लिए देश का सबसे पेशेवर संस्थान है। सीए दिवस, भारत के सबसे पेशेवर और सबसे पुराने लेखा निकाय के योगदान के लिए धन्यवाद कहने के लिए मनाया जाता है।
सीए दिवस का इतिहास
ब्रिटिश शासन के दौरान, सभी संस्थान कंपनी अधिनियम के तहत अपने खातों का पक्का रिकॉर्ड रखती थीं। प्रमाणित लेखापरीक्षक, जिन्होंने लेखा डिप्लोमा का पाठ्यक्रम पूरा किया है, लेखा पुस्तकों का लेखा-जोखा रखते थे। भारत में, लेखांकन पेशा (अकाउंटिंग प्रोफेशन) 1948 तक अनियंत्रित रहा था। हालांकि 1949 में एक विशेषज्ञ समिति ने एक स्वायत्त निकाय और चार्टर्ड अकाउंटेंट अधिनियम के गठन का सुझाव दिया और 1 जुलाई 1949 को आईसीएआई की स्थापना की गई। इसका उद्देश्य भारत में लेखांकन कानूनों को विनियमित करना था।
सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य:
- भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान के अध्यक्ष: रंजीत कुमार अग्रवाल;
- भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान की स्थापना 1 जुलाई, 1949 को हुई थी;
- भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान का मुख्यालय: नई दिल्ली।


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