अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी, नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (NASA) जलवायु परिवर्तन और आपदा न्यूनीकरण से संबंधित प्रयासों को कम करने के लिए पृथ्वी प्रणाली वेधशाला (Earth System Observatory) नामक एक नई प्रणाली विकसित कर रही है. नासा ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के साथ भी साझेदारी की है, जो नासा-इसरो सिंथेटिक एपर्चर रडार (NISAR) प्रदान करेगा. वेधशाला के पहले मिशनों में से एक पथदर्शी के रूप में पृथ्वी की सतह में परिवर्तन को मापने के लिए NISAR दो रडार सिस्टम ले जाएगा.
Buy Prime Test Series for all Banking, SSC, Insurance & other exams
पृथ्वी प्रणाली वेधशाला के बारे में:
सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण टेकअवे:
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
वैश्विक रेटिंग एजेंसी Moody's Ratings ने भारत की इकोनॉमी की वृद्धि के अनुमान को 6.8…
भारतीय सिनेमा के लिए रविवार (05 अप्रैल 2026) की रात बेहद खास बन गई, जब…
सीमा सड़क संगठन के 'प्रोजेक्ट चेतक' ने बीकानेर में अपना 47वां स्थापना दिवस मनाया। यह…
विकास और शांति के लिए अंतर्राष्ट्रीय खेल दिवस (IDSDP) हर साल 6 अप्रैल को दुनिया…
AI के क्षेत्र में एक बड़ी सफलता के तौर पर, Microsoft ने 'MAI-Transcribe-1' नाम का…
बाह्य अंतरिक्ष संधि (Outer Space Treaty) अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष कानून की नींव है, जिस पर वर्ष…