युगांडा में हाल ही में संपन्न राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों ने देश और अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित किया है। अनुभवी नेता योवेरी मुसेवेनी को लगातार सातवीं बार राष्ट्रपति घोषित किया गया है। हालांकि, इस जीत के साथ ही विवाद भी खड़ा हो गया है, क्योंकि मुख्य विपक्षी उम्मीदवार ने चुनाव परिणामों को खारिज करते हुए अनियमितताओं, इंटरनेट बंदी और मतदान एजेंटों के कथित उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। इस चुनाव ने एक बार फिर युगांडा की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को वैश्विक जांच के दायरे में ला दिया है।
युगांडा के चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी को 71.65% मतों के साथ विजेता घोषित किया। विपक्षी नेता बोबी वाइन ने परिणामों को धोखाधड़ी बताते हुए खारिज कर दिया और शांतिपूर्ण विरोध का आह्वान किया।
युगांडा में राष्ट्रपति प्रणाली है, जिसमें राष्ट्राध्यक्ष का चुनाव प्रत्यक्ष जनमत से होता है। चुनाव आयोग मतदान, मतगणना और परिणामों की घोषणा करता है, जबकि चुनावी विवादों की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट द्वारा की जाती है।
| पहलू | विवरण |
| क्षेत्र | पूर्व–मध्य अफ्रीका |
| राजधानी | कंपाला |
| राजनीतिक स्थिति | 1962 से स्वतंत्र |
| सीमाएँ | कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC), केन्या, रवांडा, दक्षिण सूडान, तंज़ानिया |
| भूमध्य रेखा | युगांडा से होकर गुजरती है |
| सरकार | लोकतांत्रिक; राष्ट्रपति राष्ट्राध्यक्ष |
| आधिकारिक भाषाएँ | अंग्रेज़ी, स्वाहिली |
| सर्वोच्च शिखर | मार्गेरिटा पीक (5,109 मीटर) |
| प्रमुख झील | विक्टोरिया झील |
| पर्वत श्रेणियाँ | रूवेनज़ोरी, विरुंगा |
| विशिष्ट स्थलरूप | इन्सेलबर्ग (एकाकी चट्टानी पहाड़) |
| वन्यजीव महत्त्व | विश्व की ~11% पक्षी प्रजातियाँ, ~8% स्तनधारी; सर्वाधिक प्राइमेट प्रजातियाँ; लगभग 50% पर्वतीय गोरिल्ला |
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