सैटेलाइट अध्ययन में मुंबई और सिकंदराबाद के लैंडफिल वैश्विक मीथेन उत्सर्जन के टॉप-25 में शामिल

हाल ही में सैटेलाइट पर आधारित एक वैश्विक अध्ययन से पता चला है कि सिकंदराबाद और मुंबई में मौजूद लैंडफिल साइटें, वर्ष 2025 में दुनिया की शीर्ष 25 मीथेन उत्सर्जित करने वाली कचरा साइटों में शामिल हैं। इन निष्कर्षों ने भारत की कचरा प्रबंधन प्रणालियों से जुड़ी बढ़ती पर्यावरणीय चिंताओं और जलवायु परिवर्तन में उनके योगदान को उजागर किया है। यह विश्लेषण मीथेन के हजारों ‘प्लूम’ (बादलों) के प्रेक्षणों पर आधारित है, और यह लक्षित जलवायु कार्रवाई करने तथा लैंडफिल प्रबंधन में सुधार लाने की तत्काल आवश्यकता पर भी ज़ोर देता है।

अध्ययन में क्या पाया गया: मुख्य बातें

इस अध्ययन ने दुनिया भर के 707 कचरा स्थलों से निकलने वाले 2,994 मीथेन के गुबारों का विश्लेषण किया है और प्रदूषण के प्रमुख हॉटस्पॉट की पहचान की है।

  • दुनिया भर में सबसे ज़्यादा उत्सर्जन करने वाली शीर्ष 25 जगहों में भारत की 2 लैंडफिल साइटें शामिल हैं।
  • इसके अलावा, चिली और ब्राज़ील जैसे देशों में भी लैंडफिल साइटों की संख्या सबसे ज़्यादा थी (प्रत्येक में 3)।
  • रैंकिंग में भारत सऊदी अरब और तुर्की के साथ खड़ा है।

यह शोध ‘कार्बन मैपर’ (Carbon Mapper) से प्राप्त सैटेलाइट डेटा का उपयोग करके किया गया था, और इसका विश्लेषण लॉस एंजिल्स स्थित कैलिफ़ोर्निया विश्वविद्यालय द्वारा अपने ‘स्टॉप मीथेन प्रोजेक्ट’ (Stop Methane Project) के माध्यम से किया गया।

लैंडफिल से मीथेन उत्सर्जन खतरनाक क्यों है?

मीथेन सबसे शक्तिशाली ग्रीनहाउस गैसों में से एक है, जो ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ा रही है।

  • यह 20 वर्षों की अवधि में कार्बन डाइऑक्साइड की तुलना में लगभग 86 गुना अधिक हानिकारक है।
  • यह वायुमंडल में लगभग 12 वर्षों तक बनी रहती है, लेकिन इसका अल्पकालिक प्रभाव अधिक तीव्र होता है, जो इसे और भी अधिक खतरनाक बनाता है।
  • इसके अलावा, औद्योगिक क्रांति के बाद से वैश्विक तापमान में हुई वृद्धि के लिए लगभग 30% तक मीथेन ही जिम्मेदार है।

इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के अनुसार, आज मीथेन की सांद्रता औद्योगिक काल से पहले के स्तरों की तुलना में 2.5 गुना अधिक है।

लैंडफिल में मीथेन तब बनती है, जब भोजन, कागज़ और बगीचे के कचरे जैसे जैविक पदार्थ बिना ऑक्सीजन के सड़ते हैं; यदि इन लैंडफिल का सही प्रबंधन न किया जाए, तो ये मीथेन उत्सर्जन के प्रमुख स्रोत बन जाते हैं।

उत्सर्जन का पैमाना: समस्या कितनी गंभीर है?

अध्ययन में पाया गया है कि सबसे बड़े लैंडफिल साइट्स से हर घंटे 3.6 से 7.5 टन मीथेन गैस निकलती है, जो कि एक चिंताजनक आंकड़ा है।

इसकी गंभीरता को समझने के लिए:

  • हर घंटे 5 टन गैस का उत्सर्जन 10 लाख SUVs से होने वाले प्रदूषण के बराबर है।
  • इसकी तुलना 500 MW के कोयला-आधारित पावर प्लांट से होने वाले उत्सर्जन से भी की जा सकती है।

इससे पहले, गाज़ीपुर लैंडफिल को भी ‘मीथेन सुपर-एमिटर’ के रूप में पहचाना गया था, क्योंकि 2022 में एक ही घटना के दौरान यहाँ से 400 टन प्रति घंटे से अधिक मीथेन का उत्सर्जन हुआ था।

इन लैंडफिल साइट्स से किसका संबंध है?

रिपोर्ट ने पहचानी गई भारतीय साइट्स को उन संभावित ज़िम्मेदार ऑपरेटर्स से जोड़ा है, जो हैं रामकी एनविरो इंजीनियर्स (सिकंदराबाद क्षेत्र) और एंटनी वेस्ट हैंडलिंग सेल लिमिटेड (मुंबई)।

ये संबंध सार्वजनिक रूप से उपलब्ध डेटा पर आधारित हैं, और इन पर आधिकारिक जवाबों का अभी भी इंतज़ार है।

वैज्ञानिकों ने मीथेन हॉटस्पॉट की पहचान कैसे की?

शोधकर्ताओं ने मीथेन के गुबारों को रियल-टाइम में ट्रैक करने के लिए उन्नत सैटेलाइट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया है।

इस प्रक्रिया में सैटेलाइट के ज़रिए उत्सर्जन के गुबारों की मैपिंग करना शामिल है। साथ ही, इन जगहों का मिलान ज्ञात लैंडफिल साइटों से किया गया और सरकारी व सार्वजनिक रिकॉर्ड के ज़रिए ऑपरेटरों की पहचान करने की कोशिश की गई।

इस तरीके से प्रदूषण के स्रोतों का बेहद सटीक पता लगाना संभव हो पाया है, जिससे जवाबदेही और भी ज़्यादा पारदर्शी हो गई है।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

भारत में कहाँ है एशियाई शेरों का असली घर? दुनिया की इकलौती जगह जहाँ जंगल में आज़ादी से घूमते हैं Asiatic Lions

शेरों का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में अफ्रीका के विशाल जंगलों की तस्वीर…

1 day ago

भारत का कौन-सा राज्य कहलाता है “Spice Garden of India”? जिसके मसालें दुनिया-भर में है मशहूर

भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…

2 days ago

भारत का सबसे अमीर गांव कौन-सा है? यहां हर घर में करोड़ों की संपत्ति, बैंक में जमा हैं हजारों करोड़

भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…

3 days ago

क्या आप जानते हैं भारत का Tea Capital कौन-सा राज्य है? यहां उगती है सबसे ज्यादा चाय

रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…

3 days ago

भारत का कौन-सा शहर कहलाता है “Mini India”? जानिए क्यों मिली यह खास पहचान

भारत अपनी विविधता, संस्कृति, भाषाओं और परंपराओं के लिए दुनिया भर में जाना जाता है।…

4 days ago

भारत का पहला पूरी तरह डिजिटल बैंकिंग अपनाने वाला राज्य कौन-सा है? जानिए कैसे बदली बैंकिंग की तस्वीर

भारत में पिछले कुछ वर्षों में डिजिटल क्रांति ने बैंकिंग सेक्टर की तस्वीर पूरी तरह…

4 days ago