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मध्य प्रदेश बजट 2026-27: महिलाओं और ग्रामीण समुदायों के लिए बड़ा बजट, बड़ा प्रभाव

मध्य प्रदेश का बजट 2026-27 18 फरवरी 2026 को विधानसभा में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा पेश किया गया। ₹4,38,317 करोड़ के विशाल परिव्यय वाला यह बजट महिलाओं के कल्याण, ग्रामीण विकास, युवा रोजगार और बुनियादी ढांचे पर केंद्रित है। मोहन यादव सरकार के लगातार तीसरे बजट में 2028 में उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ कुंभ के लिए ₹3,600 करोड़ का प्रावधान भी किया गया है। हालांकि सत्र के दौरान विपक्ष ने बढ़ते राज्य ऋण पर चिंता जताई।

“GYANII” मॉडल पर आधारित बजट

  • बजट को “GYANII” मॉडल – गरीब कल्याण, युवा शक्ति, अन्नदाता, नारी शक्ति, इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री – के तहत तैयार किया गया है। इन प्राथमिक क्षेत्रों के लिए लगभग ₹3 लाख करोड़ आवंटित किए गए हैं।
  • महिला सशक्तिकरण इस बजट की प्रमुख विशेषता है। महिलाओं के कल्याण हेतु ₹1,27,555 करोड़ निर्धारित किए गए हैं। साथ ही 5,700 कार्यरत महिला छात्रावासों के निर्माण की घोषणा की गई है, जो महिला-केंद्रित विकास दृष्टिकोण को मजबूत करता है।

लाड़ली बहना योजना को निरंतर समर्थन

  • बजट 2026-27 में लाड़ली बहना योजना के लिए ₹23,883 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इस योजना के तहत 1.25 करोड़ से अधिक महिलाओं को प्रति माह ₹1,500 की आर्थिक सहायता मिल रही है। 2023 में शुरुआत के बाद से अब तक ₹52,304 करोड़ वितरित किए जा चुके हैं।
  • इसके अलावा स्वयं सहायता समूहों और उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को भी समर्थन दिया गया है, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता और सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा।

सिंहस्थ कुंभ 2028 और धार्मिक पर्यटन

बजट में सिंहस्थ कुंभ 2028 के लिए ₹3,600 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो उज्जैन में आयोजित होगा। इस आयोजन से लाखों श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है, जिससे पर्यटन, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। सड़कों, स्वच्छता, भीड़ प्रबंधन और नागरिक सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

ग्रामीण विकास, रोजगार और सौर ऊर्जा

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को ₹40,062 करोड़ आवंटित किए गए हैं। ग्रामीण रोजगार योजना के लिए ₹10,428 करोड़ और विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के लिए पीएम जनमन योजना के तहत ₹900 करोड़ का प्रावधान है।

सरकार ने 15,000 शिक्षकों की भर्ती और कक्षा 8 तक के सरकारी स्कूल छात्रों को मुफ्त टेट्रा पैक दूध देने की घोषणा की है। साथ ही 1 लाख किसानों को सोलर पंप दिए जाएंगे, जिससे नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा और कृषि लागत में कमी आएगी।

बुनियादी ढांचा, जल आपूर्ति और बिना नए कर

सड़क मरम्मत के लिए ₹12,690 करोड़ और ग्रामीण जल आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु जल जीवन मिशन के लिए ₹4,454 करोड़ का प्रावधान किया गया है। श्रम विभाग को ₹1,335 करोड़ दिए गए हैं। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने स्पष्ट किया कि कोई नया कर नहीं लगाया जाएगा।

हालांकि विपक्ष ने बजट सत्र से पहले ₹5,600 करोड़ के ऋण लेने का आरोप लगाते हुए बढ़ते कर्ज पर सवाल उठाए। सरकार का कहना है कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत विजन के अनुरूप है।

मध्य प्रदेश से जुड़े प्रमुख तथ्य

  • राज्यपाल: मंगूभाई पटेल
  • मुख्यमंत्री: मोहन यादव
  • वित्त मंत्री: जगदीश देवड़ा
  • राजधानी: भोपाल
  • प्रमुख शहर: इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, भोपाल, जबलपुर

यह बजट महिलाओं और ग्रामीण समुदायों के सशक्तिकरण के साथ राज्य के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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