पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने “बंगालर बारी” हाउसिंग योजना की शुरुआत की है। यह राज्य सरकार द्वारा वित्तपोषित पहल है, जिसका उद्देश्य पश्चिम बंगाल के लोगों को किफायती आवास प्रदान करना है। यह कदम प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत धन आवंटन में कथित केंद्र सरकार की उपेक्षा के जवाब में उठाया गया है। इस योजना का शुभारंभ राज्य सचिवालय नबन्ना में किया गया, जहां 21 जिलों के 42 लाभार्थियों को पहली किस्त के रूप में 60,000 रुपये वितरित किए गए।
“बंगालर बारी” योजना के प्रमुख बिंदु:
| सारांश/स्थिर विवरण | विवरण |
| समाचार में क्यों? | ममता बनर्जी ने बंगालर बारी आवासीय पहल की शुरुआत की। |
| योजना का नाम | बंगालर बारी। |
| वित्तपोषण | पूरी तरह से राज्य सरकार द्वारा वित्तपोषित (14,773 करोड़ रुपये)। |
| पहचान किए गए लाभार्थी | 28 लाख लाभार्थी चिन्हित, 2026 तक अतिरिक्त 16 लाख जोड़े जाएंगे। |
| पहली किस्त की राशि | 21 जिलों के 42 लाभार्थियों को 60,000 रुपये प्रदान किए गए। |
| किस्त चरण | दो चरणों में भुगतान; दूरस्थ क्षेत्रों के लिए 1.30 लाख रुपये। |
| भुगतान समय सीमा | मई-जून 2025 तक 8 लाख लोगों को और दिसंबर 2025 तक अतिरिक्त 8 लाख लोगों को भुगतान। |
| केंद्र का योगदान | कोई योगदान नहीं; मुख्यमंत्री ने केंद्र पर तीन वर्षों से PMAY के तहत राज्य के हक को वंचित रखने का आरोप लगाया। |
| अतिरिक्त परियोजना | गंगासागर सेतु (5 किमी लंबा पुल), राज्य सरकार द्वारा वित्तपोषित, लागत 1,500 करोड़ रुपये। |
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