सुशासन सप्ताह 19 दिसंबर 2024 से शुरू

सुशासन सप्ताह 2024 का आयोजन 19 दिसंबर से 24 दिसंबर 2024 तक किया जाएगा। इस राष्ट्रीय पहल के तहत प्रशासन गाँव की ओर अभियान का संचालन भारत के 700 से अधिक जिलों, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में किया जाएगा। यह अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक शिकायतों के निवारण और सेवा वितरण को बेहतर बनाने पर केंद्रित है। सुशासन सप्ताह के इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शासन में सुधार और नागरिकों, विशेषकर ग्रामीण समुदायों तक सेवाएं पहुंचाना है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अभियान को एक परिवर्तनकारी पहल बताते हुए कहा कि यह केवल एक नारा नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करने और ग्रामीण समुदायों तक विकास पहुंचाने का प्रयास है।

इस अभियान का वर्चुअल शुभारंभ किया जाएगा, जिसमें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिव, एआर सचिव, और जिलाधीश (डीएम)/जिला कलेक्टर (डीसी) शामिल होंगे। उद्घाटन वेबिनार में मुख्य वक्ताओं में डीएआरपीजी के सचिव, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, असम के मुख्य सचिव, और बिहार के प्रशासनिक सुधार प्रधान सचिव शामिल होंगे।

अभियान के दौरान सार्वजनिक शिकायत निवारण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिसमें जिलों में विशेष शिविर, सीपीग्राम्स (सेंट्रलाइज्ड पब्लिक ग्रीवांस रीड्रेस एंड मॉनिटरिंग सिस्टम) और राज्य पोर्टलों के माध्यम से शिकायतों का निपटारा किया जाएगा।

सेवा वितरण सुधार के लिए समर्पित मोबाइल ऐप्स और पोर्टलों का उपयोग किया जाएगा ताकि नागरिकों के प्रश्नों का समय पर समाधान सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही, 700 से अधिक जिलों में सुशासन प्रथाओं पर कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।

एक राष्ट्रीय कार्यशाला 23 दिसंबर 2024 को डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली में आयोजित होगी। इसमें माननीय राज्य मंत्री (कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन) सहित प्रमुख सरकारी अधिकारी और अधिकारीगण भाग लेंगे।

इस अभियान के लिए 10 दिसंबर 2024 को एक समर्पित पोर्टल https://darpgapps.nic.in/GGW24 लॉन्च किया गया है।

अभियान के तहत की जाने वाली गतिविधियां:

  • सार्वजनिक शिकायत निवारण: विशेष शिविर और ऑनलाइन प्लेटफार्मों के माध्यम से शिकायतों का समाधान।
  • सेवा वितरण: सेवाओं की समयबद्ध डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए समर्पित ऐप्स और पोर्टलों का उपयोग।
  • सुशासन प्रथाओं का प्रचार: सफलता की कहानियों और सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान।
  • कार्यशालाएं: 23 दिसंबर 2024 को सभी जिलों में कार्यशालाओं का आयोजन, जिसमें सुशासन प्रथाओं पर चर्चा होगी।

 

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vikash

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