ऊर्जा दक्षता सूचकांक: महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, असम और त्रिपुरा टॉप प्रदर्शन करने वाले राज्य घोषित

सतत ऊर्जा शासन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए विद्युत मंत्रालय ने राज्य ऊर्जा दक्षता सूचकांक (State Energy Efficiency Index – SEEI) 2024 जारी किया। यह सूचकांक भारत के विभिन्न राज्यों में ऊर्जा दक्षता (Energy Efficiency) के प्रदर्शन को उजागर करता है और डेटा-आधारित निर्णय, श्रेष्ठ प्रथाओं को प्रोत्साहन तथा राज्यों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने का उद्देश्य रखता है।

SEEI 2024: उद्देश्य और दायरा

राज्य ऊर्जा दक्षता सूचकांक, जिसे राज्यों की ऊर्जा प्रदर्शन क्षमता मापने हेतु विकसित किया गया है, अब अपने छठे संस्करण (वित्त वर्ष 2023–24) में प्रवेश कर चुका है।
2024 का यह सूचकांक कार्यान्वयन-केंद्रित ढाँचे पर आधारित है, जिसमें 66 संकेतक (Indicators) शामिल हैं। इन्हें सात महत्वपूर्ण माँग-क्षेत्रों में विभाजित किया गया है—

  • भवन (Buildings)

  • उद्योग (Industry)

  • नगर निगम सेवाएँ (Municipal Services)

  • परिवहन (Transport)

  • कृषि (Agriculture)

  • विद्युत वितरण कंपनियाँ (DISCOMs)

  • अंतर-क्षेत्रीय पहल (Cross-Sector Initiatives)

यह सूचकांक 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की ऊर्जा खपत और नीतियों के कार्यान्वयन का आकलन करता है और राष्ट्रीय ऊर्जा दक्षता मिशन के अंतर्गत प्रगति मापने का महत्वपूर्ण साधन है।

SEEI 2024 में शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्य

ऊर्जा दक्षता में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य हैं—

  • महाराष्ट्र

  • आंध्र प्रदेश

  • असम

  • त्रिपुरा

इन राज्यों ने विभिन्न क्षेत्रों में मज़बूत प्रदर्शन दिखाया है, जो प्रभावी नीतिगत कार्यान्वयन, क्षेत्रीय समन्वय और ऊर्जा-संरक्षण प्रौद्योगिकियों में निवेश को दर्शाता है।

उच्च रैंकिंग के पीछे प्रमुख कारण

महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश

  • ऊर्जा-कुशल भवनों के लिए मज़बूत नीतियाँ

  • ऊर्जा कोड और भवन नियमों का कड़ा पालन

  • शहरी परिवहन व नगर निगम सेवाओं में ऊर्जा दक्षता हेतु बड़े निवेश

  • कृषि पंप दक्षता कार्यक्रमों और एलईडी-आधारित पहलों का सक्रिय प्रचार

असम और त्रिपुरा

  • ग्रामीण ऊर्जा पहुँच और वितरण क्षेत्र की दक्षता में सक्रिय प्रयास

  • नवीकरणीय ऊर्जा-आधारित नगर सेवाओं का प्रभावी उपयोग

  • अंतर-क्षेत्रीय ऊर्जा संरक्षण अभियानों का सफल संचालन

इन राज्यों ने ऊर्जा डेटा पारदर्शिता, स्मार्ट मीटरिंग, और विद्युत गतिशीलता (Electric Mobility) पहलों को अपनाया है, जिससे ऊर्जा शासन का एकीकृत दृष्टिकोण सामने आता है।

SEEI क्यों महत्वपूर्ण है?

  • प्रतिस्पर्धी संघवाद (Competitive Federalism) को प्रोत्साहित करता है।

  • राज्यों को ऊर्जा नियोजन और संसाधन उपयोग में खामियों की पहचान करने में मदद करता है।

  • ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (BEE) और सतत विकास लक्ष्य (SDG-7: सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा) को मज़बूती देता है।

  • उजाला, PAT (Perform, Achieve and Trade), और स्मार्ट सिटीज मिशन जैसी योजनाओं के तहत भविष्य की योजना-निर्माण में सहायक है।

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vikash

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