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लार्सन एंड टूब्रो और NVIDIA ने मिलकर भारत की पहली गीगावाट-स्केल AI फैक्ट्री बनाई

इंजीनियरिंग की बड़ी कंपनी लार्सन एंड टूब्रो (L&T) ने भारत में सॉवरेन गीगावाट-स्केल AI फैक्ट्री इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के लिए NVIDIA के साथ एक स्ट्रेटेजिक वेंचर की घोषणा की है। AI इम्पैक्ट समिट में बताया गया कि यह सहयोग भारत में प्रोडक्शन-ग्रेड AI कैपेसिटी देने पर फोकस करता है। यह पहल उन एंटरप्राइज, पॉलिसीमेकर और ग्लोबल कस्टमर को सपोर्ट करती है जो स्केलेबल और सुरक्षित AI कंप्यूटिंग रिसोर्स चाहते हैं।

L&T–NVIDIA AI फैक्ट्री साझेदारी – मुख्य बिंदु

Larsen & Toubro (L&T) और NVIDIA के बीच एआई फैक्ट्री साझेदारी भारत के डिजिटल बुनियादी ढांचे को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस सहयोग के प्रमुख तत्व निम्नलिखित हैं:

  • गीगावाट (GW) स्तर के एआई फैक्ट्री इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास
  • NVIDIA GPU क्लस्टर की तैनाती का विस्तार
  • संप्रभु (Sovereign) और स्केलेबल एआई कंप्यूटिंग पर विशेष ध्यान
  • एंटरप्राइज और राष्ट्रीय स्तर के एआई वर्कलोड के लिए डिज़ाइन

यह पहल भारत की अब तक की सबसे महत्वाकांक्षी एआई अवसंरचना परियोजनाओं में से एक मानी जा रही है।

चेन्नई और मुंबई डेटा सेंटर विस्तार योजना

L&T अपनी डेटा सेंटर क्षमताओं का विस्तार विशेष रूप से Chennai और Mumbai में कर रही है।

प्रमुख बिंदु:

  • हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग (HPC) और एआई वर्कलोड को सपोर्ट करने के लिए उन्नत डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर
  • ग्रीन एनर्जी आधारित और ऊर्जा-कुशल सुविधाओं का विकास
  • क्लाउड, एआई और बड़े पैमाने के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट्स के लिए क्षमता निर्माण
  • राष्ट्रीय डेटा संप्रभुता और सुरक्षित डिजिटल इकोसिस्टम को बढ़ावा
  • यह विस्तार योजना भारत को वैश्विक एआई और डेटा प्रोसेसिंग हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

चेन्नई और मुंबई डेटा सेंटर विस्तार योजनाएँ

इस उद्यम में महत्वपूर्ण क्षमता वृद्धि की रूपरेखा है,

स्थान प्रस्तावित क्षमता विवरण
चेन्नई डेटा सेंटर (DC) – 30 मेगावाट तक 300 एकड़ के गीगावाट-स्केलेबल कैंपस के भीतर स्थापित किया जाएगा
मुंबई डेटा सेंटर (DC) – 40 मेगावाट नई सुविधा का निर्माण कार्य प्रगति पर है

इन एक्सपेंशन का मकसद बड़े पैमाने पर AI मॉडल ट्रेनिंग और डिप्लॉयमेंट को सपोर्ट करना है।

‘AI फैक्ट्री’ क्या है?

AI फैक्ट्री का मतलब है ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर जो इनके लिए ऑप्टिमाइज़ किया गया हो,

  • एक्सेलरेटेड कंप्यूटिंग
  • हाई-डेंसिटी GPU क्लस्टर
  • AI मॉडल ट्रेनिंग और इंफरेंस
  • एंटरप्राइज़-ग्रेड AI सर्विस

पारंपरिक डेटा सेंटर के उलट, AI फैक्ट्रियां खास तौर पर बड़े पैमाने पर AI वर्कलोड के लिए बनाई जाती हैं।

टेक्नोलॉजी इंटीग्रेशन – L&T और NVIDIA का संगम

Larsen & Toubro और NVIDIA की साझेदारी उन्नत इंजीनियरिंग क्षमता और अत्याधुनिक एआई तकनीक का संयोजन है। इस सहयोग में शामिल हैं:

  • L&T की इंजीनियरिंग और परियोजना निष्पादन विशेषज्ञता
  • NVIDIA के उच्च-प्रदर्शन GPUs, CPUs और नेटवर्किंग समाधान
  • NVIDIA-त्वरित (Accelerated) स्टोरेज प्लेटफॉर्म
  • NVIDIA AI Enterprise सॉफ्टवेयर स्टैक

यह एकीकृत ढांचा विभिन्न उद्योगों में तेज, सुरक्षित और बड़े पैमाने पर एआई अपनाने को सक्षम बनाता है।

एआई फैक्ट्री साझेदारी का निवेश परिप्रेक्ष्य

हालांकि L&T ने निवेश की आधिकारिक राशि सार्वजनिक नहीं की है,

  • उद्योग अनुमान के अनुसार 250 मेगावाट डेटा सेंटर की लागत लगभग 9–10 अरब अमेरिकी डॉलर हो सकती है।
  • यह परियोजना अत्यधिक पूंजी-गहन (Capital Intensive) मानी जा रही है।
  • इससे एआई अवसंरचना नेतृत्व के प्रति दीर्घकालिक प्रतिबद्धता का संकेत मिलता है।
  • गीगावाट-स्तरीय सुविधाएं अगली पीढ़ी की डिजिटल परिसंपत्तियों का प्रतिनिधित्व करती हैं।

IndiaAI मिशन के साथ सामंजस्य

यह पहल भारत सरकार के IndiaAI Mission के उद्देश्यों के अनुरूप है। इसके तहत:

  • संप्रभु (Sovereign) एआई अवसंरचना को बढ़ावा
  • घरेलू एआई मॉडल विकास को समर्थन
  • भारत के भीतर सुरक्षित डेटा रेजिडेंसी सुनिश्चित करना
  • वैश्विक डिजिटल इकोसिस्टम के साथ इंटरऑपरेबिलिटी

यह पहल “मेकिंग एआई इन इंडिया” और “मेकिंग एआई वर्क फॉर इंडिया” के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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