किर्गिज़स्तान के राष्ट्रपति सोरोनबाई जेनेबकोव ने प्रदर्शनकारियों द्वारा उन्हें पद से हटाने की मांग के चलते 10 दिनों से किए जा रहे विरोध प्रदर्शन और सुरक्षा बलों से टकराव के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्हें 4 अक्टूबर 2020 को संसदीय चुनाव ने राष्ट्रपति के रूप में फिर से चुना गया, जिससे पूरे देश में राजनीतिक उथल-पुथल मच गई थी।
61 वर्षीय जेनेबकोव ने 2017 से 2020 तक किर्गिस्तान के राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया था। इसके अलावा वह अप्रैल 2016 से अगस्त 2017 तक किर्गिस्तान के प्रधान मंत्री भी रहे थे।
उपरोक्त समाचारों से आने-वाली परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन (CPA) के भारत क्षेत्र के ज़ोन VII का सम्मेलन गोवा में संपन्न…
गुजरात पुलिस ने ‘NARIT AI’ (नारकोटिक्स एनालिसिस और RAG-आधारित जांच टूल) लॉन्च किया है, और…
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने एक मध्यम-अवधि का रणनीतिक ढाँचा लॉन्च किया है, जिसे 'उत्कर्ष…
मुंद्रा पोर्ट भारत के सबसे बड़े ऑटोमोबाइल एक्सपोर्ट हब के तौर पर उभरा है। इस…
तकनीकी प्रगति में एक बड़ी सफलता के तौर पर, अहमदाबाद स्थित AAKA Space Studio ने…
हर साल 11 अप्रैल को पूरे भारत में 'राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस' मनाया जाता है।…