Home   »   केवीआईसी ने ‘रामोत्सव’ से पहले ‘खादी...

केवीआईसी ने ‘रामोत्सव’ से पहले ‘खादी सनातन वस्त्र’ पेश किया

केवीआईसी ने ‘रामोत्सव’ से पहले ‘खादी सनातन वस्त्र’ पेश किया_3.1

खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने कपड़ों की एक नई श्रृंखला ‘खादी सनातन वस्त्र’ पेश करने के साथ ही अपने उत्पादों पर गणतंत्र दिवस से पहले कई तरह की छूट देने की घोषणा की। केवीआईसी के चेयरमैन मनोज कुमार ने कहा कि 22 जनवरी को ‘रामोत्सव’ के अवसर पर नयी दिल्ली स्थित खादी भवन ‘सनातन वस्त्र’ पर 20 प्रतिशत तक की विशेष छूट देगा। यह छूट अयोध्या में भगवान राम की मूर्ति के प्राण प्रतिष्ठा समारोह पर दी जाएगी।

केवीआईसी चेयरमैन ने यहां कनॉट प्लेस स्थित खादी भवन में ‘सनातन वस्त्र’ पेश किया। सनातन वस्त्र का डिजाइन राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) स्थित खादी उत्कृष्टता केंद्र (सीओईके) में तैयार किया गया है। खादी भवन गणतंत्र दिवस से पहले 17 से 25 जनवरी तक खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों पर 10 प्रतिशत से 60 प्रतिशत तक की छूट देगा।

 

डिजाइन और विनिर्माण

डिज़ाइन स्थान: ‘सनातन वस्त्र’ का डिज़ाइन राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (NIFT) में स्थित खादी उत्कृष्टता केंद्र (COEK) में तैयार किया गया था।

विनिर्माण प्रक्रिया: खादी के निर्माण में कोई यांत्रिक या रासायनिक प्रक्रिया शामिल नहीं होती है, जो सनातन वस्त्रों को अद्वितीय बनाती है क्योंकि वे पारंपरिक भारतीय तरीकों के अनुसार तैयार किए जाते हैं।

 

महत्व

सांस्कृतिक प्रासंगिकता: ‘सनातन वस्त्र’ भारत की समृद्ध विरासत और आधुनिक फैशन रुझानों के मिश्रण का प्रतिनिधित्व करता है, जिसका उद्देश्य युवाओं को स्वदेशी उत्पादों की ओर आकर्षित करना है।

आर्थिक प्रभाव: यह लॉन्च केवल फैशन के बारे में नहीं है, बल्कि ग्रामीण भारत में लाखों कारीगरों की आजीविका में सुधार लाने और इन समुदायों के आर्थिक सशक्तिकरण में योगदान देने के बारे में भी है।

 

विविध सहयोगों के लिए मालदीव और चीन ने किए 20 समझौते |_80.1

FAQs

खादी की शुरुआत कब हुई?

खादी और ग्रामोद्योग आयोग अधिनियम 1956 के तहत भारत सरकार द्वारा खादी और ग्राम आयोग की स्थापना की गई थी।