भारत की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी यात्रा में केरल ने चुपचाप एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। वर्ष 2025 में, केरल ने प्रमुख ईवी राज्यों में व्यक्तिगत चार-पहिया इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की सबसे ऊँची हिस्सेदारी दर्ज की। समय पर बनाई गई नीतियों, तेजी से बढ़ते चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और मजबूत मध्यम वर्ग की भागीदारी के चलते केरल ने कई बड़े और अधिक औद्योगीकृत राज्यों को ईवी पैठ में पीछे छोड़ दिया है।
2025 में केरल ने शीर्ष ईवी-बिक्री वाले राज्यों में व्यक्तिगत चार-पहिया ईवी अपनाने की सबसे अधिक हिस्सेदारी दर्ज की। घरेलू स्तर पर मजबूत मांग और सहायक नीतियों के कारण राज्य ने बड़े औद्योगिक राज्यों को पीछे छोड़ा।
केरल की ईवी सफलता का सबसे बड़ा कारण उसका मजबूत और पर्यावरण के प्रति जागरूक मध्यम वर्ग है। बढ़ती ईंधन कीमतें, शहरी घनत्व और उच्च साक्षरता दर ने परिवारों को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
घरेलू चार्जिंग से सार्वजनिक चार्जरों पर निर्भरता घटी, जबकि रोजमर्रा की तय यात्रा आवश्यकताओं ने ईवी स्वामित्व को व्यावहारिक बनाया। यही उपभोक्ता-नेतृत्व वाला बदलाव केरल को उन राज्यों से अलग करता है, जहां ईवी अपनाने की गति मुख्य रूप से व्यावसायिक फ्लीट्स द्वारा संचालित है।
भारत ने कैशलेस और कुशल परिवहन व्यवस्था की दिशा में बढ़ते हुए, राष्ट्रीय राजमार्गों पर…
आशा भोसले का अंतिम संस्कार आज, 13 अप्रैल को शाम 4 बजे शिवाजी पार्क श्मशान…
हर साल 13 अप्रैल को भारत जलियांवाला बाग हत्याकांड के निर्दोष पीड़ितों को याद करता…
वैश्विक राजनीति के लिए यह एक बड़ा झटका है, क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच…
कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन (CPA) के भारत क्षेत्र के ज़ोन VII का सम्मेलन गोवा में संपन्न…
गुजरात पुलिस ने ‘NARIT AI’ (नारकोटिक्स एनालिसिस और RAG-आधारित जांच टूल) लॉन्च किया है, और…