दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व जज यशवंत वर्मा ने भारत की माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपना इस्तीफ़ा सौंपने के बाद, तत्काल प्रभाव से अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है। पूर्व जज श्री वर्मा का इस्तीफ़ा दिल्ली स्थित उनके सरकारी आवास से कथित तौर पर जली हुई नकदी बरामद होने से जुड़े विवाद के बाद आया है। अनुच्छेद 124 और 218 के तहत, सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जजों को “साबित कदाचार” या “अक्षमता” के आधार पर राष्ट्रपति द्वारा पद से हटाया जा सकता है।
| पहलू | विवरण |
| इस्तीफा | न्यायाधीश अपना त्यागपत्र राष्ट्रपति को सौंप सकते हैं। |
| हटाना | राष्ट्रपति द्वारा महाभियोग प्रक्रिया के माध्यम से, जो अनुच्छेद 124(4) के तहत उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों की प्रक्रिया के समान है। |
जस्टिस यशवंत वर्मा के दिल्ली स्थित सरकारी आवास से 15 मार्च 2025 को 500 रुपए के जले और अधजले नोट मिले थे। इसका एक वीडियो भी खूब वायरल हुआ था। इसके बाद न्यायमूर्ति वर्मा पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे। उन्होंने आरोपों से इनकार किया और उसे साजिश बताया था। हालांकि, मामले ने तूल पकड़ा, विवाद संसद तक पहुंच गया था।
इस मामले में भारत के मुख्य न्यायाधीश ने 22 मार्च 2025 को एक आंतरिक जांच शुरू की थी। जस्टिस वर्मा के खिलाफ आरोपों की जांच के लिए हाई कोर्ट के तीन न्यायाधीशों का पैनल भी बनाया था। हालांकि, बाद में सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने जस्टिस यशवंत वर्मा का तबादला इलाहाबाद हाई कोर्ट करने की सिफारिश की थी।
सरकार ने इसके बाद इस सिफारिश पर अपनी मुहर लगाई और वर्मा को इलाहाबाद हाई कोर्ट में कार्यभार संभालने के लिए कहा गया था। 05 अप्रैल 2025 को जस्टिस यशवंत वर्मा ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में न्यायाधीश के रूप में शपथ ग्रहण की थी। हालांकि, इलाहाबाद हाईकोर्ट में भी जस्टिस वर्मा के ट्रांसफर को लेकर सवाल उठाए गए। इस विषय पर घमासान लगातार जारी था इसी बीच जस्टिस वर्मा ने इस्तीफा दे दिया। उन्होंने राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा भेजा है।
मुंद्रा पोर्ट भारत के सबसे बड़े ऑटोमोबाइल एक्सपोर्ट हब के तौर पर उभरा है। इस…
तकनीकी प्रगति में एक बड़ी सफलता के तौर पर, अहमदाबाद स्थित AAKA Space Studio ने…
हर साल 11 अप्रैल को पूरे भारत में 'राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस' मनाया जाता है।…
NASA ने 11 अप्रैल, 2026 को ओरियन अंतरिक्ष यान के सुरक्षित रूप से पानी में…
भारत के सबसे बहादुर सैनिकों में से एक, कर्नल सोनम वांगचुक (सेवानिवृत्त) का 10 अप्रैल…
गगनयान मिशन के लिए दूसरा इंटीग्रेटेड एयर ड्रॉप टेस्ट (IADT-02) 10 अप्रैल, 2026 को सतीश…