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JNCASR के वैज्ञानिकों विकसित किया अल्जाइमर अवरोधक आधारित “बर्बेरिन”

जवाहरलाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस साइंटिफिक रिसर्च (JNCASR) के वैज्ञानिकों ने अल्जाइमर अवरोधक आधारित “बर्बेरिन” विकसित किया है। JNCASR के वैज्ञानिकों ने प्राकृतिक उत्पाद आधारित अल्जाइमर अवरोधक बनाने के लिए भारत एवं चीन में पाए जाने वाले आइसोक्विनोलीन प्राकृतिक उत्पाद बर्बेरिन का चयन किया। JNCASR के वैज्ञानिकों का यह शोध वैज्ञानिक पत्रिका iSceince में प्रकाशित किया गया है।
बर्बेरिन का उपयोग पारंपरिक चिकित्सा के साथ-साथ अन्य अनुप्रयोगों में भी किया जाता है। वैज्ञानिकों ने बर्बेरिन को बेर-डी में बदल दिया, जो एक घुलनशील (जलीय) ऑक्सीकरण रोधी है। नया उत्पाद “बेर-डी” एक घुलनशील (जलीय) है और एंटीऑक्सिडेंट के रूप में कार्य करता है। वैज्ञानिकों ने बर्बेरिन के नए रूप को यानि “बेर-डी” को अल्जाइमर रोग के बहुआयामी अमाइलॉइड विषाक्तता का बहुक्रियाशील अवरोधक पाया है। इसलिए, ये बहुक्रियाशील विशेषताएं बेर-डी को अल्जाइमर रोग की बहुआयामी विषाक्तता के इलाज के लिए प्रभावकारी चिकित्सा सामग्री विकसित करने की दृष्टि से अत्‍यंत उपयोगी बनाती हैं।
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