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Jio 3,720 करोड़ रुपये में रिलायंस इंफ्राटेल का अधिग्रहण करेगी

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रिलायंस जियो (Reliance Jio) की सहायक कंपनी रिलायंस प्रोजेक्ट्स एंड प्रॉपर्टी मैनेजमेंट सर्विसेज (Reliance Projects and Property Management Services) ने रिलायंस इंफ्राटेल (Reliance Infratel) के मोबाइल टावर और फाइबर संपत्ति का अधिग्रहण कर लिया है। JIO ने इसके लिए एसबीआई एस्क्रो खाते (SBI Escrow Account) में 3,720 करोड़ रुपये जमा कर दिए हैं। मालूम हो कि नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने नवंबर माह में रिलायंस इंफ्राटेल (RITL) के अधिग्रहण के लिए जियो को मंजूरी दी थी।

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रिलायंस ने जमा कराए 3720 करोड़

 

बता दें, बीते 6 नवंबर को रिलायंस जियो की सहायक कंपनी रिलायंस प्रोजेक्ट्स एंड प्रॉपर्टी मैनेजमेंट सर्विसेज की ओर से नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल में रिलायंस इंफ्राटेल की सभी संपत्तियों का अधिग्रहण करने के लिए याचिका दाखिल की गई थी। रिलायंस जियो की ओर से 3720 करोड़ रुपये जमा कराए गए हैं, जिसे रिलायंस इंफ्राटेल के लेनदरों के बीच बांटा जाएगा।

 

रिलायंस इंफ्राटेल की संपत्तियां

 

रिलायंस इंफ्राटेल के पूरे देश में 43,500 टावर्स और 1,70,000 किलोमीटर से ज्यादा का फाइबर नेटवर्क है। रिलायंस प्रोजेक्ट्स की ओर से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि अगर कर्ज में डूबी रिलायंस इंफ्राटेल की संपत्तियों को लेकर तत्काल एक्शन नहीं लिया गया, तो उनका मूल्य कम हो सकता है।

 

रिलायंस इंफ्राटेल की संपत्तियों के अधिग्रहण के बाद जियो का अपना नेटवर्क देश के गांव और शहरों और अलग- अलग हिस्सों में फैलाने और मजबूत करने में मदद मिलेगी। रिलायंस इंफ्राटेल के लेनदरों की लिस्ट में एसबीआई, दोहा बैंक,स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक और अमीरात बैंक के अलावा कई और बैंक शामिल हैं। रिलायंस इंफ्राटेल (RITL) के पास देशभर में लगभग 1.78 लाख किलोमीटर में और 43,540 मोबाइल टावरों की फाइबर संपत्ति है।

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