एक क्रांतिकारी खोज में, कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने अब तक का सबसे आशाजनक प्रमाण पाया है कि पृथ्वी से परे जीवन मौजूद हो सकता है। उनके अनुसंधान में, नासा के जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) की मदद से, एक दूरस्थ एक्सोप्लैनेट K2-18b के वातावरण में जीवन-संबंधी अणु जैसे डायमेथाइल सल्फाइड (DMS) और डायमेथाइल डिसल्फाइड (DMDS) की पहचान की गई। हालाँकि ये निष्कर्ष अब तक उच्चतम वैज्ञानिक पुष्टि स्तर तक नहीं पहुंचे हैं, लेकिन ये जीवन की खोज में एक निर्णायक कदम माने जा रहे हैं और एस्ट्रोबायोलॉजी (खगोल-जीवविज्ञान) के नए आयाम खोलते हैं।
K2-18b क्या है?
यह पृथ्वी से 124 प्रकाश वर्ष दूर सिंह (Leo) नक्षत्र में स्थित एक एक्सोप्लैनेट है।
इसका आकार पृथ्वी से 2.6 गुना बड़ा है और यह एक लाल बौने तारे की परिक्रमा करता है।
खोज का महत्व
वैज्ञानिकों ने K2-18b के वातावरण में संभावित बायोसिग्नेचर (जीवन से जुड़े संकेत) पाए हैं।
इनमें शामिल हैं: DMS और DMDS — ये गैसें पृथ्वी पर मुख्यतः समुद्री प्लवक (phytoplankton) और बैक्टीरिया द्वारा उत्पन्न होती हैं।
उपकरण
खोज जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) से की गई।
JWST ग्रहों के वातावरण से गुजरने वाली तारों की रोशनी का विश्लेषण कर रासायनिक संकेतों का पता लगाता है।
पुष्टि का स्तर
वर्तमान खोज तीन सिग्मा (3σ) यानी 99.7% निश्चितता पर आधारित है।
वैज्ञानिक पुष्टि के लिए पाँच सिग्मा (5σ) यानी 99.9999% की आवश्यकता होती है।
क्यों महत्वपूर्ण है?
DMS और DMDS की उपस्थिति संभावित रूप से समुद्री-प्रकार के सूक्ष्मजीवी जीवन की ओर इशारा करती है।
यदि पुष्टि हो जाती है, तो यह पृथ्वी के बाहर जीवन का पहला प्रमाण होगा और यह सिद्धांत मजबूत करेगा कि जीवन ब्रह्मांड में सामान्य हो सकता है।
वैज्ञानिक प्रभाव
यह खोज एस्ट्रोबायोलॉजी के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ साबित हो सकती है।
यदि पुष्टि होती है, तो यह हमारे ब्रह्मांड में जीवन की समझ को पूरी तरह बदल सकती है।
प्रकाशन
यह अध्ययन The Astrophysical Journal Letters में प्रकाशित हुआ है।
| सारांश/स्थिर | विवरण |
| क्यों चर्चा में है? | जेम्स वेब टेलीस्कोप ने एक्सोप्लैनेट K2-18b पर संभावित जीवन के संकेत खोजे |
| ग्रह का नाम | K2-18b |
| स्थिति | सिंह (Leo) नक्षत्र में, पृथ्वी से 124 प्रकाश-वर्ष दूर |
| आकार | पृथ्वी से 2.6 गुना बड़ा |
| कक्षा | एक लाल बौने तारे की परिक्रमा करता है |
| पाए गए अणु | DMS (डायमेथाइल सल्फाइड), DMDS (डायमेथाइल डिसल्फाइड) |
| पता लगाने की विधि | जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) |
| संभावित जैविक स्रोत | समुद्री प्लवक (फाइटोप्लांकटन) और बैक्टीरिया (पृथ्वी पर पाए जाने वाले) |
| प्रकाशन | द एस्ट्रोफिज़िकल जर्नल लेटर्स |
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