जम्मू-कश्मीर में नदी परिवहन को बढ़ावा देने हेतु श्रीनगर में खुला IWAI का कार्यालय

जम्मू और कश्मीर में अंतर्देशीय जल परिवहन (IWT) क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय के तहत भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) ने श्रीनगर में अपना नया क्षेत्रीय कार्यालय उद्घाटित किया। यह पहल नदी आधारित संपर्क के उपयोग के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने और पर्यावरणीय पर्यटन (इको-टूरिज्म) को बढ़ावा देने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है।

क्यों है चर्चा में?

IWAI ने जम्मू-कश्मीर सरकार के सहयोग से तीन राष्ट्रीय जलमार्गोंचिनाब (NW-26), झेलम (NW-49) और रावी (NW-84)पर नाव संचालन की आधारभूत संरचना के विकास की शुरुआत की है। इसके लिए श्रीनगर में एक नया कार्यालय स्थापित किया गया है, जो इन गतिविधियों का समन्वय करेगा।

मुख्य उद्देश्य एवं लक्ष्य

  • जम्मू-कश्मीर की नदी प्रणालियों में नौवहन आधारभूत संरचना का विकास

  • पर्यावरणीय पर्यटन को बढ़ावा देना और स्थानीय रोजगार सृजित करना

  • राज्य के भीतर और क्षेत्रीय जल परिवहन संपर्क में सुधार करना

प्रमुख बिंदु

पहल विवरण
MoU पर हस्ताक्षर IWAI और जम्मू-कश्मीर सरकार के बीच नदी नौवहन के संयुक्त विकास के लिए समझौता ज्ञापन
चिन्हित राष्ट्रीय जलमार्ग NW-26: चिनाब नदी
NW-49: झेलम नदी
NW-84: रावी नदी

आधारभूत संरचना विकास योजनाएं

  • 10 स्थानों पर फ्लोटिंग जेटी की स्थापना

  • ड्रेजिंग द्वारा जलमार्ग (फेयरवे) का विकास

  • रात्रिकालीन नौवहन सहायता उपकरणों की स्थापना

  • हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण के माध्यम से सुरक्षित नौवहन सुनिश्चित करना

पृष्ठभूमि और संदर्भ

  • अंतर्देशीय जलमार्ग लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने और हरित परिवहन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं

  • आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत मोदी सरकार ने राष्ट्रीय जलमार्गों के विकास को प्राथमिकता दी है

  • यह कदम जम्मू और कश्मीर की नदी प्रणालियों को राष्ट्रीय आर्थिक ढांचे में शामिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण है

महत्त्व

  • भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में संपर्क बढ़ाता है

  • सतत परिवहन और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देता है

  • स्थानीय व्यवसायों और रोजगार के नए अवसर सृजित करता है

  • नदियों को वाणिज्यिक और यात्री परिवहन के माध्यम के रूप में उपयोग करने के राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप है

यह पहल जम्मू-कश्मीर को हरित, सुलभ और सतत विकास की नई दिशा में ले जाने वाला एक परिवर्तनकारी कदम मानी जा रही है।

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vikash

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