इज़राइल ने एक कड़ा कूटनीतिक कदम उठाते हुए संयुक्त राष्ट्र (UN) की सात एजेंसियों और संबद्ध निकायों से तत्काल बाहर निकलने की घोषणा की है। यह निर्णय संयुक्त राष्ट्र संस्थानों के प्रति इज़राइल की बढ़ती आलोचना और कथित राजनीतिक पक्षपात व नौकरशाही अक्षमता से असंतोष को दर्शाता है। यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ रही है और बहुपक्षीय मंचों के प्रति इज़राइल के रुख में स्पष्ट बदलाव दिखाई दे रहा है।
इज़राइल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने 14 जनवरी 2026 को घोषणा की कि इज़राइल सात संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों और संबद्ध निकायों से हट रहा है। इज़राइल ने इसका कारण पक्षपातपूर्ण रुख और अप्रभावी कार्यप्रणाली बताया है।
यह फैसला अमेरिका द्वारा कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों से बाहर निकलने के बाद किए गए एक व्यापक आंतरिक समीक्षा के बाद लिया गया। समीक्षा में यह आकलन किया गया कि विभिन्न UN निकायों के साथ जुड़ाव इज़राइल के राष्ट्रीय हितों की पूर्ति करता है या नहीं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, कुछ एजेंसियां बार-बार इज़राइल-विरोधी रुख अपनाती रही हैं या तटस्थ और प्रभावी ढंग से कार्य करने में विफल रही हैं।
इज़राइल ने इससे पहले 2024 में UN महासचिव के बाल एवं सशस्त्र संघर्ष संबंधी विशेष प्रतिनिधि कार्यालय के साथ सहयोग समाप्त कर दिया था, जब इज़राइली रक्षा बलों (IDF) को UN की एक ब्लैकलिस्ट में शामिल किया गया। इसी तरह, जुलाई 2024 में UN Women से भी संबंध तोड़ दिए गए थे।
इज़राइल ने संयुक्त राष्ट्र के व्यापार और विकास सम्मेलन (UNCTAD) तथा पश्चिम एशिया के लिए संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक आयोग (ESCWA) से भी बाहर निकलने का फैसला किया है। विदेश मंत्री गिदोन सार के अनुसार, इन दोनों संगठनों ने लगातार इज़राइल के खिलाफ़ शत्रुतापूर्ण और पक्षपातपूर्ण रिपोर्टें जारी की हैं।
आगे देखते हुए, इज़राइल संयुक्त राष्ट्र एलायंस ऑफ सिविलाइज़ेशन्स, यूएन एनर्जी, और वैश्विक प्रवासन एवं विकास मंच (Global Forum on Migration and Development) से भी हटने की योजना बना रहा है। इज़राइल का कहना है कि इन मंचों में इज़राइल-विरोधी रुख अपनाया गया है और अत्यधिक नौकरशाही प्रक्रियाएँ इनके प्रभावी कार्य में बाधा बन रही हैं।
संयुक्त राष्ट्र में सदस्य देश किसी विशेष एजेंसी या निकाय से बाहर निकल सकते हैं, बिना UN की सदस्यता छोड़े। इज़राइल का यह कदम वैश्विक मंचों पर उसकी कूटनीतिक रणनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाता है।
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]AI के क्षेत्र में एक बड़ी सफलता के तौर पर, Microsoft ने 'MAI-Transcribe-1' नाम का…
बाह्य अंतरिक्ष संधि (Outer Space Treaty) अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष कानून की नींव है, जिस पर वर्ष…
भारतीय नौसेना ने अपनी तीसरी परमाणु-संचालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी, INS अरिदमन को अपने बेड़े में…
भारतीय कला के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है, क्योंकि राजा रवि वर्मा…
एथलेटिक्स इंटीग्रिटी यूनिट के अनुसार, कुछ चिंताजनक संकेत सामने आ रहे हैं, जिनके मुताबिक भारत…
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 (KITG) का पहला संस्करण 4 अप्रैल, 2026 को संपन्न हुआ।…