संयुक्त राष्ट्र हर साल 16 नवंबर को “अंतर्राष्ट्रीय सहिष्णुता दिवस (International Day for Tolerance)” मनाता है। संयुक्त राष्ट्र संस्कृतियों और लोगों के बीच आपसी समझ को बढ़ावा देकर सहिष्णुता को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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अंतर्राष्ट्रीय सहिष्णुता दिवस का इतिहास:
1994 में, यूनेस्को ने महात्मा गांधी के जन्म की 125 वीं वर्षगांठ को चिह्नित किया, जिससे संयुक्त राष्ट्र द्वारा 16 नवंबर को अंतर्राष्ट्रीय सहिष्णुता दिवस के रूप में घोषित करने का मार्ग प्रशस्त हुआ। यह दिन शांति, अहिंसा और समानता के महात्मा के मूल्यों को श्रद्धांजलि देता है। सहिष्णुता और अहिंसा को बढ़ावा देने के लिए यूनेस्को-मदनजीत सिंह पुरस्कार सहिष्णुता और अहिंसा की भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वैज्ञानिक, कलात्मक, सांस्कृतिक या संचार क्षेत्रों में महत्वपूर्ण गतिविधियों को पुरस्कृत करता है। 16 नवंबर को अंतर्राष्ट्रीय सहिष्णुता दिवस के अवसर पर प्रत्येक दो साल में यह पुरस्कार प्रदान किया जाता है।
असहिष्णुता का मुकाबला कैसे किया जा सकता है?
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