भारतीय नौसेनिकों ने 28 जुलाई को रूस के 328वीं नेवी-डे परेड में हिस्सा लिया। इस मौके पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने भारतीय नौसेनिकों से सलामी ली। भारत की तरफ से नेवी-डे परेड में युद्धपोत INS तबर ने शामिल हुआ।
परेड की सलामी लेते हुए पुतिन ने भारतीय नौसेनिकों को अभिवादन किया और नौसेनिकों को नेवी-डे परेड में भाग लेने के लिए बधाई भी दी। युद्धपोत INS तबर की कमान कैप्टन एम.आर हरीश संभाल रहे थे। उनके साथ 280 सदस्यों का क्रू भी युद्धपोत पर मौजूद था।
आईएनएस तबर युद्धपोत का निर्माण रूस में ही हुआ है और इसे 2004 में भारतीय नौसेना में शामिल किया गया था।
सेंट पीटर्सबर्ग में मनाए जा रहे 328 वें नेवी-डे में करीब 200 जहाजों ने हिस्सा लिया। ये सभी 2024 तक नेवी का हिस्सा रहे हैं। इस दौरान 15 हजार से अधिक सैनिक भी मौजूद रहे।
रूस पहुंचने से पहले INS तबर 17 जुलाई को जर्मनी पहुंचा था। जहां इसने 3 दिन तक हमबर्ग पोर्ट पर स्टे किया। जहां भारतीय नौसेनिकों ने जर्मनी नेवी के साथ आधिकारिक मुलाकात की। इसके साथ भारतीय युद्ध-पोत को देखने के लिए आम नागिरकों को भी मौका दिया।
रूसी फ्रिगेट, कॉर्वेट और परमाणु पनडुब्बियों का हाल ही में आधुनिकीकरण किया गया है, जिनमें से कुछ अत्याधुनिक परमाणु-सक्षम जिरकोन हाइपरसोनिक मिसाइलों से लैस हैं। मैक 9 तक की गति से उड़ने वाली मिसाइल को हवाई सुरक्षा द्वारा रोका नहीं जा सकता है। जनवरी 2020 में ज़िरकोन दागने वाला पहला नौसेना युद्धपोत एडमिरल गोर्शकोव था।
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