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इंडसइंड बैंक ने राजीव आनंद को नया प्रबंध निदेशक और सीईओ नियुक्त किया

भारत में निजी क्षेत्र के अग्रणी ऋणदाता, इंडसइंड बैंक ने राजीव आनंद को अपना नया प्रबंध निदेशक (एमडी) और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त करने की घोषणा की है। आनंद का कार्यकाल 25 अगस्त, 2025 से शुरू होकर 24 अगस्त, 2028 तक रहेगा, जो बैंक की आगामी आम बैठक में शेयरधारकों की मंज़ूरी पर निर्भर करेगा।

नियुक्ति का विवरण

इंडसइंड बैंक के निदेशक मंडल ने राजीव आनंद को प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (MD & CEO) श्रेणी में अतिरिक्त निदेशक के रूप में नियुक्त करने को मंजूरी दी है।

  • कार्यकाल: 25 अगस्त 2025 से 24 अगस्त 2028 तक (3 वर्ष)

  • शर्त: आगामी आम बैठक में शेयरधारकों की स्वीकृति अपेक्षित है

राजीव आनंद का पेशेवर अनुभव

राजीव आनंद के पास बैंकिंग क्षेत्र में दो दशकों से अधिक का अनुभव है। वे विशेष रूप से एक्सिस बैंक में अपने कार्यकाल के लिए जाने जाते हैं, जो भारत का तीसरा सबसे बड़ा निजी क्षेत्र का बैंक है।

उनके प्रमुख पद और योगदान:

  1. डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर, एक्सिस बैंक

    • कॉर्पोरेट (Wholesale) बैंकिंग डिवीजन का नेतृत्व किया

    • कॉर्पोरेट ग्राहकों के पोर्टफोलियो को बड़े स्तर पर बढ़ाया

  2. प्रेसिडेंट, रिटेल बैंकिंग, एक्सिस बैंक

    • बैंक की रिटेल सेवाओं का विस्तार किया और उपभोक्ता अनुभव को मजबूत किया

  3. प्रबंध निदेशक एवं सीईओ, एक्सिस एसेट मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड

    • 2009 में स्थापना से लेकर संचालन तक नेतृत्व किया

    • निवेश और म्यूचुअल फंड क्षेत्र में एक्सिस बैंक की सशक्त उपस्थिति बनाई

राजीव आनंद की सबसे बड़ी खासियत उनकी दोहरे क्षेत्र (retail & corporate) में रणनीतिक समझ और नेतृत्व क्षमता है।

इंडसइंड बैंक के लिए रणनीतिक महत्व

  • यह नियुक्ति बैंक की दीर्घकालिक विकास रणनीति के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य है:

    • स्थायित्व और निरंतरता

    • बाजार में उपस्थिति का विस्तार

    • नए अवसरों का लाभ उठाना

  • बैंक अब अनुभवी बैंकिंग पेशेवरों को शीर्ष प्रबंधन में शामिल कर, अपनी टीम को और मजबूत बना रहा है।

निष्कर्ष

राजीव आनंद की नियुक्ति इंडसइंड बैंक के लिए एक रणनीतिक परिवर्तन का संकेत है। उनकी नेतृत्व कुशलता और व्यापक बैंकिंग अनुभव से बैंक को मौजूदा प्रतिस्पर्धी परिदृश्य में संतुलन और वृद्धि दोनों में सहायता मिलेगी। आने वाले वर्षों में उनका मार्गदर्शन बैंक के सतत विकास की दिशा में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।

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