इंदौर दुनिया का पहला ऐसा शहर होगा, जहां हर व्यक्ति का अपना एक डिजिटल एड्रेस होगा। यानी अब इंदौर में किसी एड्रेस को खोजना बहुत ही आसान हो जाएगा। आप को सिर्फ व्यक्ति का कोड डालना होगा और आपको उसके घर की लोकेशन मिल जाएगी। इंदौर पूरी तरह से डिजिटल एड्रेसिंग सिस्टम लागू करके इतिहास रचेगा, ऐसा करने वाला यह भारत का पहला शहर बन जाएगा।
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मुख्य बिंदु
- रिपोर्ट के अनुसार, अव्यवस्थित एड्रेसिंग सिस्टम की वजह से देश को हर साल 75 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का नुक़सान होता है। इसे देखते हुए इंदौर के कुछ युवाओं ने एक ऐसा ऐप बनाया है, जिससे किसी भी एड्रेस को आसानी से ढूंढा जा सकता है।
- ‘पता’ नाम का यह मोबाइल ऐप आपके लंबे और पेचीदा एड्रेस को एक छोटे से डिजिटल एड्रेस कोड में कन्वर्ट कर देगा। ताकि जब भी कोई इस कोड़ को डाले तो उसे आपके एड्रेस की सटीक जानकारी उसे मिल जाए।
- इस फ्री मोबाइल ऐप का सबसे ज्यादा फायदा ई-कॉमर्स, कूरियर सर्विस, डिलिवरी करने वाले और विजिटर्स को होगा, जिन्हें एड्रेस ढूंढने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती थी।
एमओयू के बारे में:
- इस एमओयू में कहा गया है कि पता ऐप का इस्तेमाल सभी सरकारी एजेंसियों और आपातकालीन सेवाओं जैसे पुलिस, दमकल विभाग और एम्बुलेंस द्वारा किया जाएगा।
- ई-केवाईसी और बैंकिंग जियोटैगिंग जैसी जरूरी सेवाओं के लिए पता एप का इस्तेमाल किया जाएगा। पता ऐप व्यवसाय में सभी के लिए सुलभ होगा।
- पता ऐप के आने से होम डिलिवरी करने वाली कंपनियों को तो फायदा होगी ही, साथ ही इससे पर्यावरण को भी फायदा होगा।
- इस ऐप से किसानों को बीज, खाद और तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। साथ ही यह ऐप ड्रोन से डिलिवरी करने में भी अहम रोल निभाएगा।
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