इंडिगो एयरलाइंस ने 3 जुलाई 2025 को पूर्व नीति आयोग सीईओ अमिताभ कांत को अपने निदेशक मंडल में गैर-कार्यकारी निदेशक (Non-Executive Director) के रूप में नियुक्त करने की घोषणा की। यह नियुक्ति एक अनुभवी सरकारी नेता को भारत की अग्रणी एयरलाइनों में शामिल करती है, जिससे नीतिगत अनुभव और नवाचार की समझ कंपनी को और ऊंचाइयों तक ले जाने में मदद करेगी। इंडिगो की घरेलू और अंतरराष्ट्रीय विस्तार योजनाओं के लिए यह कदम अहम माना जा रहा है।
एक उल्लेखनीय नियुक्ति
इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड द्वारा संचालित इंडिगो ने 3 जुलाई को बताया कि अमिताभ कांत उनके बोर्ड में शामिल हो गए हैं। कांत भारत सरकार के एक वरिष्ठ और प्रतिष्ठित पूर्व अधिकारी हैं, जो मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, और इनक्रेडिबल इंडिया जैसे प्रमुख अभियानों के पीछे की सोच के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में उन्होंने भारत के G20 शेरपा के रूप में कार्य किया था और पिछले महीने इस पद से हटे।
अमिताभ कांत का मजबूत अनुभव
अमिताभ कांत ने नीति आयोग के सीईओ के रूप में छह वर्षों तक काम किया। उन्होंने केंद्रीय सचिव, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के निदेशक, और राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग के सदस्य जैसे प्रमुख पदों पर भी कार्य किया। उनका कार्यक्षेत्र नवाचार, विकास, और भारत की वैश्विक पहचान को मजबूत करने पर केंद्रित रहा है। उन्होंने कई ऐसे कार्यक्रमों की नींव रखी जो भारत की अर्थव्यवस्था और प्रतिष्ठा को वैश्विक स्तर पर बेहतर बनाने में सहायक रहे।
इंडिगो को लेकर कांत की सोच
अपनी नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए अमिताभ कांत ने कहा,
“सिर्फ 20 वर्षों से भी कम समय में इंडिगो ने भारत में हवाई यात्रा का तरीका पूरी तरह से बदल दिया है। यह उत्कृष्ट सेवा और कार्यक्षमता का वैश्विक उदाहरण बन गया है।”
उन्होंने यह भी कहा कि इंडिगो भारतीय हवाई अड्डों को वैश्विक केंद्र में बदलने में मदद कर सकता है, जिससे नई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें, व्यापार, और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।








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