अक्टूबर 2025 में भारत की बेरोजगारी दर 5.2% पर बनी रहेगी

भारत के श्रम बाज़ार ने अक्टूबर 2025 में स्थिर सुधार के संकेत दिखाए। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनमी (CMIE) के अनुसार देश की कुल बेरोज़गारी दर 5.2% पर बिना किसी बदलाव के बनी रही। यह आँकड़ा बताता है कि आर्थिक परिस्थितियों में उतार-चढ़ाव के बावजूद रोजगार का माहौल अपेक्षाकृत स्थिर है। जहाँ शहरी क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों में हल्की वृद्धि दर्ज की गई, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार लगभग स्थिर रहा। इससे यह स्पष्ट होता है कि श्रम बाज़ार में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के रुझान अलग-अलग दिशा में बढ़ रहे हैं।

अक्टूबर 2025 में बेरोज़गारी दर स्थिर

अक्टूबर 2025 में भारत की बेरोज़गारी दर 5.2% पर स्थिर बनी रही। ग्रामीण बेरोज़गारी घटकर 4.4% पर आ गई, जबकि शहरी बेरोज़गारी बढ़कर 7.0% हो गई। यह जानकारी सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) की नवीनतम मासिक बुलेटिन में दी गई है। 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों में कुल बेरोज़गारी दर अक्टूबर में सितंबर के समान 5.2% रही।

हालाँकि कुल बेरोज़गारी दर में कोई बदलाव नहीं हुआ, लेकिन ग्रामीण और शहरी श्रम बाज़ारों में विपरीत रुझान देखने को मिले।

  • ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोज़गारी सितंबर के 4.6% से घटकर 4.4% हो गई।

  • शहरी क्षेत्रों में बेरोज़गारी सितंबर के 6.8% से बढ़कर 7.0% पर पहुँच गई।

इस प्रकार, राष्ट्रीय बेरोज़गारी दर स्थिर रहने के बावजूद क्षेत्रीय स्तर पर श्रम बाज़ार में महत्वपूर्ण अंतर छिपे हुए हैं।

श्रम शक्ति भागीदारी और रोजगार अनुपात में सुधार

रोज़गार बुलेटिन के अनुसार श्रम बाज़ार के अन्य प्रमुख संकेतकों में सुधार दर्ज किया गया:

  • श्रम शक्ति भागीदारी दर (LFPR) बढ़कर 55.4% पर पहुँच गई — यह छह महीनों का उच्चतम स्तर है।

  • कार्यकर्ता जनसंख्या अनुपात (WPR) बढ़कर 52.5% हो गया — जून से लगातार वृद्धि जारी है।

  • महिला LFPR भी बेहतर हुआ है — जून के 32.0% से बढ़कर अक्टूबर में 34.2% हो गया।

ये संकेतक बताते हैं कि उपलब्ध श्रम शक्ति का बेहतर उपयोग हो रहा है, भले ही कुल बेरोज़गारी दर स्थिर बनी हुई है।

डेटा क्या दर्शाता है: मिश्रित संकेत

1. ग्रामीण रोजगार में हल्का सुधार

  • ग्रामीण बेरोज़गारी में गिरावट मौसमी कृषि कार्य, स्वयं-रोज़गार गतिविधियों और ग्रामीण महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के कारण हो सकती है।

2. शहरी श्रम बाज़ार पर दबाव

  • शहरी बेरोज़गारी बढ़कर 7.0% पहुँच जाना दर्शाता है कि

    • गुणवत्तापूर्ण नौकरियों की कमी,

    • रोजगार संरचना में बदलाव,

    • प्रवासन दबाव,

    • और कुछ सेवाक्षेत्रों में मंदी
      जैसी चुनौतियाँ अब भी मौजूद हैं।

3. महिलाओं की बेरोज़गारी और लैंगिक अंतर

  • महिलाओं (15 वर्ष और उससे ऊपर) में बेरोज़गारी सितंबर के 5.5% से घटकर 5.4% हो गई।

  • पुरुषों में कुल बेरोज़गारी 5.1% पर स्थिर रही, लेकिन शहरी पुरुष बेरोज़गारी 6.0% से बढ़कर 6.1% हो गई।

यह दर्शाता है कि लैंगिक रोजगार अंतर अभी भी मौजूद है, भले ही महिला भागीदारी में सुधार हो रहा है।

नीतिगत महत्व

  • कुल रोजगार स्थिति स्थिर है, लेकिन ग्रामीण-शहरी असमानताएँ चिंताजनक हैं।

  • ग्रामीण रोजगार और भागीदारी में सुधार है, पर शहरी नौकरी सृजन अभी भी एक बड़ी चुनौती है।

  • महिला श्रम भागीदारी में वृद्धि उत्साहजनक है, लेकिन उन्हें मिलने वाले अवसरों में असमानता बनी हुई है।

  • UR के साथ LFPR और WPR पर ध्यान देना श्रम बाज़ार की वास्तविक स्थिति का बेहतर आकलन देता है।

सरकार को चाहिए कि वह:

  • गुणवत्तापूर्ण शहरी नौकरियाँ सृजित करे,

  • कौशल और नौकरी के बीच बेहतर मेल स्थापित करे,

  • बढ़ती महिला श्रम शक्ति के लिए पर्याप्त रोजगार अवसर तैयार करे।

मुख्य स्थैतिक तथ्य

  • कुल बेरोज़गारी दर: 5.2% (अक्टूबर 2025) — सितंबर के समान

  • ग्रामीण बेरोज़गारी: 4.4% (सितंबर के 4.6% से कम)

  • शहरी बेरोज़गारी: 7.0% (सितंबर के 6.8% से अधिक)

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

गोवा को मिलेगा तीसरा जिला: मुख्यालय क्यूपेम में होगा

गोवा में प्रशासनिक ढांचे में एक महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है। राज्य सरकार ने…

9 hours ago

रिवाइंड 2025: इस साल के सबसे बड़े राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय ऑपरेशन

वर्ष 2025 में दुनिया भर में कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय ऑपरेशन शुरू किए गए, जिनका…

9 hours ago

कैबिनेट ने 6-लेन नासिक–सोलापुर–अक्कलकोट ग्रीनफील्ड कॉरिडोर को दी मंज़ूरी

भारत सरकार ने महाराष्ट्र में परिवहन अवसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम…

9 hours ago

DRDO ने लगातार सैल्वो लॉन्च के साथ ‘प्रलय’ मिसाइल का सफल परीक्षण किया

भारत ने अपनी स्वदेशी मिसाइल क्षमताओं को सशक्त करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण…

9 hours ago

डिजिटल क्रांति की नई उपलब्धि: भारत में ब्रॉडबैंड सब्सक्राइबर्स की संख्या 100 करोड़ के पार

नवंबर 2025 में भारत ने डिजिटल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की,…

10 hours ago

गूगल ने दी यूज़र्स को प्राइमरी Gmail एड्रेस बदलने की अनुमति

गूगल ने Gmail यूज़र्स के लिए एक महत्वपूर्ण और लंबे समय से प्रतीक्षित फीचर रोलआउट…

17 hours ago