भारत ने अपने आंतरिक जल परिवहन (IWT) क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। वित्तीय वर्ष 2024–25 के दौरान देश ने 145.5 मिलियन टन (MMT) कार्गो परिवहन दर्ज किया, जो वित्तीय वर्ष 2013–14 में मात्र 18.1 MMT था। इस उल्लेखनीय वृद्धि के पीछे व्यापक बुनियादी ढांचा विकास, नीति सुधारों और तकनीकी नवाचारों का योगदान है। भारत ने अपने राष्ट्रीय जलमार्गों की संख्या 5 से बढ़ाकर 111 कर दी है और परिचालन लंबाई लगभग 4,900 किलोमीटर तक बढ़ा दी है, जो बहु-मॉडल लॉजिस्टिक्स और सतत विकास के प्रति देश की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मुख्य विशेषताएँ और विकास
रिकॉर्ड कार्गो यातायात
वित्तीय वर्ष 2024–25 में 145.5 मिलियन टन (MMT) कार्गो परिवहन हुआ, जो 2013–14 में 18.1 MMT था।
पिछले दशक में 20.86% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR)।
वित्तीय वर्ष 2023–24 की तुलना में 9.34% वार्षिक वृद्धि।
शीर्ष 5 वस्तुएँ: कोयला, लौह अयस्क, लौह अयस्क बुरादा, बालू और फ्लाई ऐश (कुल कार्गो का 68%)।
राष्ट्रीय जलमार्गों का विस्तार
2014 में 5 जलमार्गों से बढ़कर 2016 के राष्ट्रीय जलमार्ग अधिनियम के तहत 111 जलमार्ग।
परिचालन लंबाई 2,716 किमी से बढ़कर 4,894 किमी हुई।
वर्तमान में 29 राष्ट्रीय जलमार्ग परिचालित।
बुनियादी ढांचा विकास
मल्टी-मॉडल टर्मिनल (MMT), इंटर-मॉडल टर्मिनल (IMT), फ्लोटिंग और सामुदायिक जेटी का निर्माण।
उन्नत फेयरवे रखरखाव और नेविगेशनल सहायता।
उदाहरण: वाराणसी, हल्दिया, पांडु, जोगीघोपा में MMT; धुबरी और बोगीबील में टर्मिनल।
डिजिटल और हरित प्रौद्योगिकियाँ
परिचालन दक्षता बढ़ाने के लिए LADIS, RIS, PANI, MIRS जैसे उपकरण।
हरित जलयानों का उपयोग: हाइब्रिड इलेक्ट्रिक कैटामरैन, हाइड्रोजन ईंधन वाले नौका।
यात्री आवाजाही
2023–24 में 1.61 करोड़ यात्रियों की आवाजाही दर्ज।
आंतरिक जल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए नीतिगत उपाय
जलवाहक योजना
दिसंबर 2024 में शुरू की गई; ₹95.42 करोड़ का बजटीय प्रावधान।
जलमार्गों पर माल ढुलाई के लिए परिचालन लागत पर 35% प्रतिपूर्ति।
प्रमुख मार्गों (NW-1, NW-2, NW-16) पर निर्धारित सेवाएँ।
टन भार कर विस्तार
फरवरी 2025 से आंतरिक जलपोतों पर लागू।
लाभ: लाभ पर नहीं, टन भार पर कर निर्धारण — कर भार कम और पूर्वानुमेय।
निजी निवेश के लिए विनियामक ढांचा
2025 में निजी जेटी/टर्मिनलों के लिए नए नियम अधिसूचित।
बंदरगाह एकीकरण
वाराणसी, हल्दिया, पांडु, जोगीघोपा के MMT और IMT को श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट, कोलकाता को सौंपा गया।
डिजिटलीकरण
वाहन/सारथी पोर्टल की तरह केंद्रीकृत पोत और चालक दल पंजीकरण पोर्टल।
कार्गो एकत्रीकरण केंद्र
वाराणसी में फ्रेट विलेज।
साहिबगंज में एकीकृत क्लस्टर-कम-लॉजिस्टिक्स पार्क।
भारत-बांग्लादेश प्रोटोकॉल मार्ग
मइया और सुल्तानगंज के बीच मार्ग 5 और 6 पर सफल परीक्षण।
पीएसयू सहभागिता
140 से अधिक सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (PSUs) को IWT के माध्यम से कार्गो परिवहन के लिए जोड़ा गया।
पेट्रोलियम, कोयला, उर्वरक और इस्पात मंत्रालय शामिल।
| सारांश/स्थैतिक | विवरण |
| समाचार में क्यों? | वित्त वर्ष 2024–25 में भारत का आंतरिक जलमार्गों पर रिकॉर्ड कार्गो परिवहन |
| रिकॉर्ड कार्गो परिवहन | वित्त वर्ष 2024–25 में 145.5 मिलियन टन (CAGR: 20.86%) |
| राष्ट्रीय जलमार्ग | 2014 में 5 से बढ़कर 2024 में 111 |
| परिचालित जलमार्ग लंबाई | 4,894 किमी (2014–15 में 2,716 किमी से वृद्धि) |
| यात्री आवाजाही | 2023–24 में 1.61 करोड़ यात्री |
| प्रमुख वस्तुएँ | कोयला, लौह अयस्क, बालू, फ्लाई ऐश (कुल कार्गो का 68%) |
| प्रमुख परियोजनाएँ | मल्टी-मॉडल टर्मिनल (MMTs), इंटर-मॉडल टर्मिनल (IMTs), सामुदायिक जेटी, फेयरवे रखरखाव |
| हरित तकनीक | हाइब्रिड इलेक्ट्रिक और हाइड्रोजन जलयान पेश |
| जलवाहक योजना | ₹95.42 करोड़; 35% लागत प्रोत्साहन |
| टन भार कर | फरवरी 2025 से आंतरिक जलपोतों पर विस्तारित |
| डिजिटल उपकरण | LADIS, RIS, PANI, MIRS, केंद्रीकृत पंजीकरण पोर्टल |
| भारत-बांग्लादेश मार्ग | मार्ग 5 और 6 पर सफल परीक्षण |
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