Q3 में भारत की GDP वृद्धि दर 6.4% तक पहुंचने की संभावना

भारत की अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही (Q3 FY25) में 6.4% की वृद्धि दर्ज करने के लिए तैयार है, जो पिछले तिमाही (5.4%) से अधिक है। ICRA के इस अनुमान के अनुसार, वृद्धि मुख्य रूप से सरकारी खर्च में वृद्धि और निर्यात में सुधार से प्रेरित हो रही है, जिससे प्रमुख आर्थिक क्षेत्रों को मजबूती मिल रही है। सकल मूल्य वर्धन (GVA) में 6.6% की वृद्धि होने की संभावना है, जिसमें उद्योग 6.2%, सेवा क्षेत्र 7.7% और कृषि 4.0% की दर से बढ़ने की उम्मीद है। विशेष रूप से, दिसंबर 2024 में सेवा निर्यात रिकॉर्ड $36.9 बिलियन तक पहुंच गया, जबकि वस्तु निर्यात में भी उल्लेखनीय सुधार देखा गया।

वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही में भारत की आर्थिक वृद्धि के प्रमुख कारण:

  • सरकारी खर्च में वृद्धि: बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण में सार्वजनिक क्षेत्र के निवेश ने मांग और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया।
  • निर्यात में पुनरुद्धार: सेवा निर्यात में ऐतिहासिक वृद्धि देखी गई, साथ ही वस्तु निर्यात में भी सुधार हुआ, जिससे समग्र आर्थिक गति तेज हुई।
  • औद्योगिक और सेवा क्षेत्र का विस्तार: सेवा क्षेत्र में सबसे तेज़ (7.7%) वृद्धि देखी गई, इसके बाद उद्योग (6.2%) ने मजबूत मांग और नीतिगत समर्थन के कारण वृद्धि दर्ज की।

अन्य अनुमानों की तुलना में यह वृद्धि कैसी है?

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही के लिए GDP वृद्धि का अनुमान 6.2% से 6.3% के बीच लगाया है। SBI का आकलन पूंजीगत व्यय की प्रवृत्तियों, मजबूत मांग और बेहतर कॉर्पोरेट आय (EBIDTA) पर आधारित है। उनकी रिपोर्ट के अनुसार, Q3 में 74% आर्थिक संकेतकों में सुधार दर्ज किया गया, जबकि Q2 में यह आंकड़ा 71% था।

आर्थिक चुनौतियाँ और भविष्य की संभावनाएँ

हालांकि, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने वित्त वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए भारत की वृद्धि दर 6.5% पर स्थिर रखी है, लेकिन कुछ प्रमुख चुनौतियाँ बनी हुई हैं:

  • बेरोजगारी दर: आर्थिक विस्तार के बावजूद, उच्च बेरोजगारी चिंता का विषय बनी हुई है।
  • खाद्य मुद्रास्फीति और कमजोर उपभोक्ता खर्च: महंगाई और कमज़ोर उपभोक्ता मांग आर्थिक वृद्धि को प्रभावित कर सकते हैं।
  • संरचनात्मक सुधारों की आवश्यकता: श्रम और भूमि कानूनों में सुधार दीर्घकालिक सतत विकास के लिए आवश्यक हैं।

भारत वैश्विक स्तर पर सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक बना हुआ है, जिसे घरेलू मांग और सरकारी नीतियों का समर्थन प्राप्त है। हालांकि, इस गति को बनाए रखने के लिए निरंतर नीतिगत समर्थन, आर्थिक सुधार और श्रम शक्ति के विकास में निवेश आवश्यक होगा।

मुख्य पहलू विवरण
क्यों चर्चा में? भारत की GDP वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही (Q3 FY25) में 6.4% बढ़ने का अनुमान, जो सरकारी खर्च और निर्यात में सुधार से प्रेरित है।
GDP वृद्धि का अनुमान 6.4% (ICRA का अनुमान)
पिछली तिमाही की वृद्धि 5.4% (Q2 FY25)
GVA वृद्धि का अनुमान 6.6%
क्षेत्रवार वृद्धि उद्योग: 6.2%, सेवा क्षेत्र: 7.7%, कृषि: 4.0%
निर्यात प्रदर्शन सेवा निर्यात: $36.9 बिलियन (रिकॉर्ड उच्च स्तर), वस्तु निर्यात: पुनः वृद्धि दर्ज की
SBI का GDP अनुमान Q3 FY25 के लिए 6.2%-6.3%
IMF का GDP अनुमान FY25 और FY26 के लिए 6.5%
प्रमुख चिंताएँ बेरोजगारी, खाद्य मुद्रास्फीति, कमजोर उपभोक्ता खर्च
भविष्य की दृष्टि श्रम, भूमि और कार्यबल विकास में संरचनात्मक सुधारों की आवश्यकता
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

पीएम मोदी ने इस कॉरिडोर पर भारत के पहले नमो भारत आरआरटीएस का उद्घाटन किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 फरवरी 2026 को मेरठ में भारत की पहली नमो भारत…

27 mins ago

भारत-ब्राज़ील ने किए 10 बड़े समझौते: ग्लोबल साउथ में उभरता नया शक्ति

भारत और ब्राज़ील ने व्यापार, रक्षा, प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य और महत्वपूर्ण खनिज जैसे विभिन्न क्षेत्रों में…

37 mins ago

विंटर ओलंपिक्स 2026 – पूरी मेडल टेबल और हाइलाइट्स

शीतकालीन ओलंपिक 2026, जिन्हें आधिकारिक रूप से 2026 Winter Olympics (XXV ओलंपिक विंटर गेम्स) कहा…

1 hour ago

BAFTA Awards 2026: देखें पूरी बाफ्टा अवार्ड्स विनर्स की लिस्ट

79वें ब्रिटिश अकादमी फिल्म अवॉर्ड्स (BAFTA 2026) का आयोजन 22 फरवरी को लंदन के रॉयल…

3 hours ago

विश्व शांति और समझदारी दिवस 2026

विश्व शांति और समझ दिवस 2026 (World Peace and Understanding Day 2026), हर साल 23…

3 hours ago

व्यापार सूचकांकों का आधार वर्ष बदलकर 2022-23 किया गया

भारत सरकार ने भारत के मर्चेंडाइज ट्रेड इंडेक्स (Merchandise Trade Indices) का आधार वर्ष 2012-13…

2 days ago