Categories: Economy

2047 तक साढ़े सात गुना बढ़ जाएगी भारत की प्रति व्यक्ति आय

एसबीआई रिसर्च के अर्थशास्त्रियों के मुताबिक, भारत की प्रति व्यक्ति आय वित्त वर्ष 2023 में 2 लाख रुपये (2,500 डॉलर) से बढ़कर वित्त वर्ष 2047 तक 7.5 गुना बढ़कर 14.9 लाख रुपये (12,400 डॉलर) प्रति वर्ष हो जाएगी। यानी आय में 7 गुना से अधिक बढ़ोतरी होगी। आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मंगलवार को 77वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लालकिले की प्राचीर से कहा था कि साल 2028 तक भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगी। यानी जीडीपी का साइज बड़ा होने से आम लोगों की आय खुद ब खुद बढ़ जाएगी। मोदी सरकार ने 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने का लक्ष्य रखा है। इस समय देश आजादी की 100वीं वर्षगांठ मना रहा होगा।

रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2012 की तुलना में 13.6 प्रतिशत करदाताओं ने निम्न आय वर्ग को छोड़ दिया है। आकलन वर्ष 2023 में 6.85 करोड़ लोगों ने आईटीआर दाखिल किया, जिनमें से 64 प्रतिशत आबादी अभी भी 5 लाख रुपये तक के आय वर्ग में है। 5 लाख रुपये के आय वर्ग में 8.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि 10-20 लाख रुपये के समूह में 3.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 20-50 लाख रुपये के आय वर्ग में 1.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि 50 लाख-1 करोड़ रुपये के आय वर्ग में 0.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

 

निम्नतम आय वर्ग

एसबीआई ने अनुमान लगाया है कि वित्त वर्ष 2047 तक 25 प्रतिशत आईटीआर दाखिल करने वाले निम्नतम आय वर्ग को छोड़ देंगे, लगभग 17.5 प्रतिशत दाखिलकर्ता 5-10 लाख रुपये समूह में चले जाएंगे, 5 प्रतिशत 10-20 लाख रुपये समूह में और 3 प्रतिशत दाखिल करने वाले 5-10 लाख रुपये समूह में चले जाएंगे। इसमें कहा गया है कि वित्त वर्ष 2047 तक 0.5 प्रतिशत फाइलर्स 50 लाख रुपये से 1 करोड़ रुपये के आय वर्ग में और 0.075 प्रतिशत 1 करोड़ रुपये से अधिक आय वर्ग में स्थानांतरित होने की उम्मीद है।

 

भारतीय जनसंख्या में बढ़ोतरी

वित्त वर्ष 2047 तक, भारतीय जनसंख्या मौजूदा 1.4 अरब से बढ़कर 1.6 अरब होने की उम्मीद है। इसके साथ ही, कार्यबल वित्त वर्ष 2013 में 530 मिलियन से बढ़कर वित्त वर्ष 2047 में 725 मिलियन हो जाने की उम्मीद है। कर योग्य आधार वाले कार्यबल के वित्त वर्ष 2013 में 313 मिलियन से बढ़कर वित्त वर्ष 2047 में 56.5 करोड़ होने की उम्मीद है, और आईटीआर दाखिल करने वालों की संख्या वित्त वर्ष 2013 में 7 करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 47 में 48.2 करोड़ हो जाने की उम्मीद है।

 

Find More News on Economy Here

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

AI की नई छलांग: Microsoft का MAI-Transcribe-1 तेज, सटीक और किफायती

AI के क्षेत्र में एक बड़ी सफलता के तौर पर, Microsoft ने 'MAI-Transcribe-1' नाम का…

2 days ago

आउटर स्पेस ट्रीटी 1967 क्या है? सिद्धांत, सदस्य और महत्व

बाह्य अंतरिक्ष संधि (Outer Space Treaty) अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष कानून की नींव है, जिस पर वर्ष…

2 days ago

भारतीय नौसेना INS अरिदमन: विशेषताएँ, भूमिका और रणनीतिक महत्व की व्याख्या

भारतीय नौसेना ने अपनी तीसरी परमाणु-संचालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी, INS अरिदमन को अपने बेड़े में…

2 days ago

Raja Ravi Varma की पेंटिंग ने रचा इतिहास, बनी भारत की सबसे महंगी कलाकृति

भारतीय कला के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है, क्योंकि राजा रवि वर्मा…

2 days ago

भारत डोपिंग मामलों में सबसे ऊपर, एआईयू की सूची में केन्या को पीछे छोड़ा

एथलेटिक्स इंटीग्रिटी यूनिट के अनुसार, कुछ चिंताजनक संकेत सामने आ रहे हैं, जिनके मुताबिक भारत…

2 days ago

पहले ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026’ का समापन: कर्नाटक विजयी रहा

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 (KITG) का पहला संस्करण 4 अप्रैल, 2026 को संपन्न हुआ।…

2 days ago