
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि गुजरात के काकरापार में भारत के पहले स्वदेशी रूप से विकसित 700 मेगावाट के परमाणु ऊर्जा संयंत्र ने पूरी क्षमता से परिचालन शुरू कर दिया है। काकरापार परमाणु ऊर्जा परियोजना (केएपीपी) के रिएक्टर ने 30 जून को वाणिज्यिक परिचालन शुरू कर दिया था, लेकिन अब तक यह अपनी 90 प्रतिशत क्षमता पर काम कर रहा था।
काकरापार परमाणु ऊर्जा संयंत्र यूनिट-3 का परिचालन शुरू
प्रधानमंत्री मोदी ने इंटरनेट मीडिया एक्स पर पोस्ट किया कि भारत ने एक और मुकाम हासिल किया। गुजरात में पहला सबसे बड़ा स्वदेशी 700 मेगावाट काकरापार परमाणु ऊर्जा संयंत्र यूनिट-3 पूरी क्षमता पर परिचालन शुरू कर दिया है।
बता दें कि न्यूक्लियर पावर कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनपीसीआइएल) काकरापार में 700 मेगावाट के दो दबावयुक्त भारी जल रिएक्टर (पीएचडब्ल्यूआर) का निर्माण कर रहा है।
परमाणु ऊर्जा संयंत्रों का निर्माण
यहां 220 मेगावाट के दो बिजली संयंत्र भी हैं। इसके अलावा, एनपीसीआइएल ने देश भर में सोलह 700 मेगावाट पीएचडब्ल्यूआर बनाने की योजना बनाई है। इसके लिए वित्तीय और प्रशासनिक मंजूरी भी मिल गई है। इनमें से राजस्थान के रावतभाटा (आरएपीएस 7 और 8) और हरियाणा के गोरखपुर (जीएचएवीपी 1 और 2) में 700 मेगावाट के परमाणु ऊर्जा संयंत्रों का निर्माण चल रहा है।
साथ ही सरकार ने अन्य चार स्थानों हरियाणा में गोरखपुर, मध्य प्रदेश में चुटका, राजस्थान में माही बांसवाड़ा और कर्नाटक में कैगा में बेड़े मोड में 10 स्वदेशी रूप से विकसित पीएचडब्ल्यूआर के निर्माण को मंजूरी दे दी है।



APAAR ID निर्माण में छत्तीसगढ़ सबसे आगे...
ICAR और NDDB ने डेयरी रिसर्च को मज़बूत क...
भारत और जर्मनी ने डाक, एक्सप्रेस और लॉजि...

