ICRA ने अनुमान लगाया है कि वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (Q3) में भारत की वर्ष-दर-वर्ष (YoY) जीडीपी वृद्धि दर घटकर 7.2% रह सकती है, जबकि दूसरी तिमाही (Q2) में यह 8.2% थी। यह मंदी मुख्यतः सेवा और कृषि क्षेत्रों के कमजोर प्रदर्शन के कारण है, हालांकि औद्योगिक क्षेत्र में सुधार देखने को मिला है।
सेवा क्षेत्र:
कृषि क्षेत्र:
वृद्धि दर Q3 में 3.0% रहने का अनुमान है, जो पिछली तिमाही के 3.5% से कम है।
औद्योगिक क्षेत्र:
ICRA की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर के अनुसार, वृद्धि दर में नरमी के पीछे कई कारण हैं:
हालांकि, त्योहारी मांग और जीएसटी तर्कसंगतकरण (GST Rationalisation) ने वृद्धि दर को 7% से ऊपर बनाए रखने में मदद की।
केंद्रीय पूंजीगत व्यय:
Q3 FY26 में 23.4% की वार्षिक गिरावट दर्ज की गई, जबकि Q3 FY25 में 47.7% की वृद्धि थी। यह Q2 FY26 के ₹3.1 ट्रिलियन से घटकर Q3 में ₹2.1 ट्रिलियन रह गया।
राजस्व व्यय:
आगे का परिदृश्य
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