वित्त मंत्रालय ने बताया कि वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही में भारत का राजकोषीय घाटा पूरे साल के अनुमान का 8.1 प्रतिशत रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के 25.3 प्रतिशत से काफी बेहतर है। सामने आए सरकारी आंकड़ों से पता चला कि पहली तिमाही के अंत में केंद्र का राजकोषीय घाटा पूरे साल के लक्ष्य का 8.1 प्रतिशत हो गया है। लेखा महानियंत्रक (CGA) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पूर्ण रूप से राजकोषीय घाटा – व्यय और राजस्व के बीच का अंतर जून के अंत तक 1,35,712 करोड़ रुपये था।वित्त वर्ष 2023-24 की इसी अवधि में घाटा बजट अनुमान (बीई) का 25.3 प्रतिशत रहा।
केंद्रीय बजट में सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2024-25 में राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 4.9 प्रतिशत तक लाने का अनुमान लगाया है। 2023-24 में घाटा जीडीपी का 5.6 प्रतिशत था। कुल मिलाकर, सरकार का लक्ष्य चालू वित्त वर्ष के दौरान राजकोषीय घाटे को 16,85,494 करोड़ रुपये पर सीमित रखना है।
2024-25 के पहले तीन महीनों के लिए केंद्र सरकार के राजस्व-व्यय के आंकड़ों का खुलासा करते हुए, सीजीए ने कहा कि चालू वित्त वर्ष के लिए शुद्ध कर राजस्व 5,49,633 करोड़ रुपये या बीई का 21.1 प्रतिशत था। जून 2023 के अंत में नेट टैक्स कलेक्शन 18.6 प्रतिशत था।
पहली तिमाही में केंद्र सरकार का कुल व्यय 9,69,909 करोड़ रुपये या बीई का 20.4 प्रतिशत रहा। एक साल पहले की अवधि में व्यय बीई के 23 प्रतिशत को पार कर गया था। कुल व्यय में से 7.88 लाख करोड़ रुपये राजस्व खाते में और 1.81 लाख करोड़ रुपये पूंजी खाते में थे।
राजकोषीय घाटा सरकार के कुल व्यय और राजस्व के बीच का अंतर है। यह सरकार द्वारा आवश्यक कुल उधारी का संकेत है।
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
भारत की अर्थव्यवस्था के सकारात्मक परिदृश्य में, गोल्डमैन सैक्स ने कैलेंडर ईयर 2026 (CY26) के…
भारत–किर्गिज़स्तान संयुक्त विशेष बल अभ्यास खंजर (KHANJAR) का 13वां संस्करण 4 फरवरी 2026 को असम…
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 5 फरवरी 2026 को नई दिल्ली के…
PLASTINDIA 2026, दुनिया की सबसे बड़ी और प्रभावशाली प्लास्टिक प्रदर्शनियों में से एक, 5 फरवरी…
रूस ने अपनी नवीनतम परमाणु-चालित पनडुब्बी खाबारोव्स्क (Khabarovsk) को लॉन्च किया है, जिसे परमाणु-सक्षम अंडरवॉटर…
स्पेन ने 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर देशव्यापी…