प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की पहली स्लीपर वंदे भारत ट्रेन का शुभारंभ किया है, जो कोलकाता (हावड़ा) को गुवाहाटी (कामाख्या) से जोड़ती है। इस ट्रेन को 17 जनवरी 2026 को पश्चिम बंगाल के मालदा से हरी झंडी दिखाई गई। यह ओवरनाइट सेमी-हाई-स्पीड सेवा आधुनिक रेल यात्रा के एक नए चरण की शुरुआत है और पूर्वी तथा पूर्वोत्तर भारत के बीच लंबी दूरी की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी।
क्यों चर्चा में है?
भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन शुरू की गई है। यह हावड़ा और गुवाहाटी को जोड़ती है और लगभग 14 घंटे में रातभर की यात्रा पूरी करती है।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के बारे में
- वंदे भारत स्लीपर, वंदे भारत एक्सप्रेस का उन्नत संस्करण है, जिसे लंबी दूरी की रात्रिकालीन यात्रा के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- चेयर कार वाली वंदे भारत ट्रेनों के विपरीत, इसमें स्लीपर बर्थ की सुविधा है, जो राजधानी श्रेणी जैसी आरामदायक यात्रा के साथ आधुनिक इंटीरियर और तेज गति प्रदान करती है।
- यह पूरी तरह मेक इन इंडिया पहल के तहत निर्मित है और भारतीय रेल के आत्मनिर्भरता, आधुनिकीकरण और यात्री सुविधा पर जोर को दर्शाती है।
- स्लीपर संस्करण के साथ वंदे भारत नेटवर्क अब छोटी दूरी से आगे बढ़कर लंबी अंतर-राज्यीय यात्राओं तक विस्तारित हो गया है।
मार्ग, समय-सारिणी और प्रमुख विशेषताएं
- वंदे भारत स्लीपर ट्रेन हावड़ा और कामाख्या के बीच सप्ताह में छह दिन दोनों दिशाओं में चलेगी।
- यह हावड़ा से शाम 6:20 बजे और कामाख्या से शाम 6:15 बजे प्रस्थान करेगी तथा लगभग 14 घंटे में यात्रा पूरी करेगी।
- ट्रेन में आधुनिक कोच, उन्नत सुरक्षा प्रणालियां और बेहतर इंटीरियर उपलब्ध हैं।
- रेलवे के अनुसार, यह सेवा बंगाल और असम के बीच यात्रियों को तेज, आरामदायक और भरोसेमंद रात्री यात्रा उपलब्ध कराएगी।
सांस्कृतिक और क्षेत्रीय महत्व
- ट्रेन को हरी झंडी दिखाते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह मां काली की धरती को मां कामाख्या की धरती से जोड़ती है, जो पश्चिम बंगाल और असम के बीच सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है।
- इस सेवा से पर्यटन, व्यापार और लोगों के आपसी संपर्क को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
- रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि ट्रेन में बंगाल और असम के स्थानीय व्यंजन परोसे जाएंगे, जिससे यात्रा को क्षेत्रीय स्वाद मिलेगा।
पश्चिम बंगाल से शुरू की गई अन्य ट्रेनें
- स्लीपर वंदे भारत के साथ प्रधानमंत्री ने चार अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का भी शुभारंभ किया।
- ये ट्रेनें न्यू जलपाईगुड़ी–नागरकोइल, न्यू जलपाईगुड़ी–तिरुचिरापल्ली, अलीपुरद्वार–बेंगलुरु (SMVT) और अलीपुरद्वार–मुंबई (पनवेल) मार्गों पर चलेंगी।
- इनका उद्देश्य पश्चिम बंगाल से दक्षिण और पश्चिम भारत तक किफायती लंबी दूरी की रेल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है।
₹3,250 करोड़ के रेल और सड़क प्रोजेक्ट
- इसी कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने ₹3,250 करोड़ की रेल और सड़क परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी।
- इनमें बालुरघाट–हिली नई रेल लाइन, न्यू जलपाईगुड़ी में आधुनिक फ्रेट मेंटेनेंस सुविधा, लोको शेड का आधुनिकीकरण, वंदे भारत मेंटेनेंस यूनिट और एनएच-31डी के धुपगुड़ी–फालाकाटा खंड का चार लेन में विस्तार शामिल है।
- ये परियोजनाएं पूर्वी भारत में बुनियादी ढांचे को मजबूत करेंगी।
वंदे भारत ट्रेनों से जुड़े तथ्य
- वंदे भारत ट्रेनें सेमी-हाई-स्पीड ट्रेनें हैं, जिनकी शुरुआत 2019 में हुई थी।
- ये मेक इन इंडिया के तहत भारत में निर्मित हैं।
- वर्तमान में देशभर में लगभग 150 वंदे भारत ट्रेनें संचालित हो रही हैं।
- स्लीपर संस्करण को विशेष रूप से लंबी दूरी की रात्री यात्राओं के लिए तैयार किया गया है।
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