जुलाई 2025 में भारत का कोयला आयात 21.08 मिलियन टन (MT) रहा, जो पिछले वर्ष जुलाई 2024 के 25.23 एमटी की तुलना में 16.4% की गिरावट दर्शाता है। यह कमी मुख्य रूप से मानसून के दौरान कमजोर मांग और घरेलू स्तर पर पर्याप्त भंडारण के कारण हुई है। यह आंकड़े एमजंक्शन सर्विसेज (टाटा स्टील और सेल की संयुक्त इकाई) द्वारा जारी किए गए।
विनया वर्मा, एमडी और सीईओ, एमजंक्शन सर्विसेज ने बताया कि कोयला आयात में गिरावट के प्रमुख कारण हैं:
मानसून महीनों में उद्योग और बिजली की कमजोर मांग
थर्मल पावर प्लांट्स और उद्योगों में ऊँचा कोयला भंडार
घरेलू उत्पादन में वृद्धि से आयात की आवश्यकता कम होना
उन्होंने कहा कि सितंबर से शुरू होने वाले त्योहारी सीजन से पहले मांग बढ़ सकती है, जिससे कोयले की खपत में इज़ाफा होगा।
कुल कोयला आयात: 21.08 एमटी (जुलाई 2025) बनाम 25.23 एमटी (जुलाई 2024)
नॉन-कोकिंग कोल (बिजली उत्पादन हेतु): 11.54 एमटी (2025) बनाम 16.52 एमटी (2024)
कोकिंग कोल (इस्पात उद्योग हेतु): 5.85 एमटी (2025) बनाम 4.81 एमटी (2024)
नॉन-कोकिंग कोल की मांग बिजली क्षेत्र में कमी के कारण घटी, जबकि कोकिंग कोल आयात बढ़ा, जो इस्पात और भारी उद्योग में स्थिरता या वृद्धि को दर्शाता है।
कुल आयात: 97.49 एमटी (एफवाई 2025) बनाम 100.48 एमटी (एफवाई 2024)
नॉन-कोकिंग कोल: 60.62 एमटी (2025) बनाम 65.64 एमटी (2024)
कोकिंग कोल: 22.22 एमटी (2025) बनाम 20.26 एमटी (2024)
यह आँकड़े दिखाते हैं कि थर्मल (बिजली) कोल आयात घटा, लेकिन इस्पात क्षेत्र की मांग मजबूत बनी रही।
जुलाई 2025 में कोयला आयात 16.4% घटकर 21.08 एमटी
अप्रैल–जुलाई 2025 संचयी आयात: 97.49 एमटी (पिछले वर्ष 100.48 एमटी)
नॉन-कोकिंग कोल में कमी, कोकिंग कोल में बढ़ोतरी
भारत घरेलू सेमीकंडक्टर (चिप) निर्माण को मजबूत करने और वैश्विक सेमीकंडक्टर केंद्र बनने के लक्ष्य…
NITI Aayog ने फिसकल हेल्थ इंडेक्स 2026 (Fiscal Health Index 2026 का दूसरा वार्षिक संस्करण…
छत्तीसगढ़ की राज्य मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता विधेयक 2026 के मसौदे को मंजूरी दे…
भारतीय पैरा एथलीट शैलेश कुमार ने विश्व पैरा एथलेटिक्स ग्रैंड प्रिक्स में स्वर्ण पदक जीतकर…
नई दिल्ली में प्योरएयर टॉवर (PureAir Tower) नामक भारत का पहला माइक्रोएल्गी आधारित एयर प्यूरीफिकेशन…
भारत की महिला हॉकी टीम ने हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के लिए क्वालीफाई कर लिया…