स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (Stockholm International Peace Research Institute-Sipri) द्वारा जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 2011-15 और 2016-20 के बीच भारत के हथियारों के आयात में 33% की कमी आई है. अंतर्राष्ट्रीय हथियारों के ट्रान्सफर की रिपोर्ट ने मुख्य रूप से रूसी हथियारों और जटिल खरीद प्रक्रियाओं पर निर्भरता को कम करने के प्रयास में भारत के हथियारों के आयात में गिरावट को जिम्मेदार ठहराया. रूस सबसे अधिक प्रभावित आपूर्तिकर्ता था, हालांकि भारत के अमेरिकी हथियारों का आयात भी 46% तक गिर गया था.
रिपोर्ट के अनुसार, 2016-20 के दौरान भारत के शीर्ष तीन हथियार आपूर्तिकर्ता रूस (भारत के 49% आयात के लिए जिम्मेदार), फ्रांस (18%) और इज़राइल (13%) थे. म्यांमार, श्रीलंका और मॉरीशस भारतीय सैन्य हार्डवेयर के शीर्ष प्राप्तकर्ता थे.
Buy Prime Test Series for all Banking, SSC, Insurance & other exams
सिपरी के अनुसार, 2016-20 के दौरान भारत के पास वैश्विक हथियारों के निर्यात में 0.2% की हिस्सेदारी थी, जिससे यह देश दुनिया का प्रमुख हथियारों का 24 वां सबसे बड़ा निर्यातक बन गया. यह 2011-15 की पिछली पंचवर्षीय अवधि के दौरान भारत के निर्यात में 0.1% की तुलना में 228% की वृद्धि दर्शता है.
सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण टेकअवे:
Find More Ranks and Reports Here
AI के क्षेत्र में एक बड़ी सफलता के तौर पर, Microsoft ने 'MAI-Transcribe-1' नाम का…
बाह्य अंतरिक्ष संधि (Outer Space Treaty) अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष कानून की नींव है, जिस पर वर्ष…
भारतीय नौसेना ने अपनी तीसरी परमाणु-संचालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी, INS अरिदमन को अपने बेड़े में…
भारतीय कला के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है, क्योंकि राजा रवि वर्मा…
एथलेटिक्स इंटीग्रिटी यूनिट के अनुसार, कुछ चिंताजनक संकेत सामने आ रहे हैं, जिनके मुताबिक भारत…
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 (KITG) का पहला संस्करण 4 अप्रैल, 2026 को संपन्न हुआ।…