भारत और पाकिस्तान ने अपनी रणनीतिक प्रतिरोधक क्षमता (Strategic Deterrence) को मजबूत करने के लिए उन्नत बैलिस्टिक मिसाइल प्रणालियाँ विकसित की हैं। इनमें भारत की अग्नि-4 मिसाइल और पाकिस्तान की शाहीन-II महत्वपूर्ण मिसाइलें हैं। दोनों मिसाइलें मध्यम से मध्यम-दीर्घ दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें हैं, जो पारंपरिक या परमाणु वारहेड ले जाने में सक्षम हैं।
हालाँकि इनका रणनीतिक उद्देश्य समान है, लेकिन रेंज, पेलोड क्षमता, तकनीक और संचालन क्षमता के मामले में दोनों में अंतर है। नीचे इन दोनों मिसाइलों का विस्तृत विवरण दिया गया है।
अग्नि-4 मिसाइल भारत की एक मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल (IRBM) है, जिसे रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित किया गया है। यह अग्नि मिसाइल श्रृंखला का हिस्सा है, जो भारत की परमाणु प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाती है।
अग्नि-4 एक दो-चरणीय (Two-Stage) ठोस ईंधन वाली मिसाइल है, जिसे अधिक सटीकता और मिसाइल रक्षा प्रणालियों से बचने की क्षमता के साथ डिजाइन किया गया है। इसे रोड-मोबाइल लॉन्चर से दागा जा सकता है, जिससे इसकी संचालन क्षमता और लचीलापन बढ़ जाता है।
अग्नि-4 की प्रमुख विशेषताएँ
इस मिसाइल को अग्नि-II मिसाइल और अग्नि-III मिसाइल के बीच की क्षमता को पूरा करने के लिए विकसित किया गया था, जिससे भारत की रणनीतिक मारक क्षमता और सटीकता में वृद्धि हुई है।
शाहीन-II की प्रमुख विशेषताएँ
यह मिसाइल पाकिस्तान की रणनीतिक प्रतिरोधक प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है।
| विशेषता | अग्नि-4 (भारत) | शाहीन-II (पाकिस्तान) |
| मिसाइल का प्रकार | इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (IRBM) | मीडियम रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (MRBM) |
| मारक क्षमता (Range) | लगभग 4000 किमी तक | लगभग 1500–2000 किमी |
| पेलोड क्षमता | लगभग 1000 किलोग्राम | लगभग 700–1000 किलोग्राम |
| प्रणोदन (Propulsion) | दो-चरणीय ठोस ईंधन | दो-चरणीय ठोस ईंधन |
| लंबाई | लगभग 20 मीटर | लगभग 17.2 मीटर |
| प्रक्षेपण प्रणाली | रोड-मोबाइल लॉन्चर | ट्रांसपोर्टर-इरेक्टर-लॉन्चर (TEL) |
| मार्गदर्शन प्रणाली | उन्नत इनर्शियल नेविगेशन व रिंग लेजर जाइरोस्कोप | इनर्शियल गाइडेंस व टर्मिनल करेक्शन |
| मुख्य भूमिका | रणनीतिक प्रतिरोधक क्षमता | रणनीतिक परमाणु डिलीवरी प्रणाली |
अग्नि-4
इन तकनीकों से मिसाइल की सटीकता बढ़ती है और यह मिसाइल रक्षा प्रणालियों से बचने में अधिक सक्षम हो जाती है।
शाहीन-II
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