भारतीय नौसेना को 30 मार्च, 2026 को स्वदेशी स्टील्थ फ्रिगेट ‘दूनागिरी’ प्राप्त हुआ। इसे गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड में बनाया गया था, और यह युद्धपोत (प्रोजेक्ट 17A) फ्रिगेट के तहत पाँचवीं नीलगिरि-श्रेणी का जहाज़ है। इसे उन्नत स्टील्थ तकनीक, स्वचालन और युद्धक क्षमताओं के साथ डिज़ाइन किया गया है। INS दूनागिरी स्वदेशी युद्धपोत निर्माण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण छलांग का प्रतिनिधित्व करता है, और यह रक्षा निर्माण में ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दृष्टिकोण के भी अनुरूप है।
प्रोजेक्ट 17A, पहले के शिवालिक-क्लास (प्रोजेक्ट 17) फ्रिगेट का अगला चरण है और यह तकनीक तथा क्षमताओं में महत्वपूर्ण उन्नयन को दर्शाता है।
इन फ्रिगेट को वॉरशिप डिज़ाइन ब्यूरो द्वारा डिज़ाइन किया गया है और इनमें ‘इंटीग्रेटेड कंस्ट्रक्शन’ जैसी आधुनिक निर्माण तकनीकों को भी शामिल किया गया है; इससे निर्माण का समय कम होता है और कार्यक्षमता में सुधार आता है।
पिछली युद्धपोतों की तुलना में, प्रोजेक्ट 17A के ये जहाज़ निम्नलिखित विशेषताएं प्रदान करते हैं:
INS दुनागिरी अत्याधुनिक हथियारों और सेंसर प्रणालियों से लैस है, और यह आधुनिक युद्ध में एक महत्वपूर्ण संपत्ति बन गया है।
इसके युद्धक उपकरणों में शामिल हैं:
यह जहाज़ CODOG (कंबाइंड डीज़ल या गैस) प्रोपल्शन प्रणाली का उपयोग करता है, जो गति के कुशल प्रबंधन और परिचालन में लचीलेपन की सुविधा प्रदान करता है।
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