इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) ने ग्राहकों के परिवारों और कानूनी उत्तराधिकारियों को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध सेवा प्रदान करने के उद्देश्य से ऑनलाइन डेथ क्लेम सेटलमेंट पोर्टल लॉन्च किया है। यह पहल बैंक की डिजिटल परिवर्तन (Digital Transformation) की दिशा में प्रतिबद्धता को दर्शाती है, साथ ही संवेदनशील परिस्थितियों में मानवीय दृष्टिकोण बनाए रखने पर भी जोर देती है।
यह नया पोर्टल एक सुरक्षित, एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसके माध्यम से दावेदार (Claimants) पूरी मृत्यु दावा निपटान प्रक्रिया ऑनलाइन शुरू और पूर्ण कर सकते हैं।
प्रमुख विशेषताएं:
अब परिवारों को बार-बार बैंक शाखा के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी। पूरी प्रक्रिया घर बैठे पूरी की जा सकती है।
शोकग्रस्त परिवारों की परेशानी कम करने के लिए IOB ने ₹15 लाख तक के दावों हेतु एक सरलीकृत प्रक्रिया शुरू की है।
प्रमुख लाभ:
बैंक ने आश्वासन दिया है कि सभी पात्र दावों का निपटान 15 दिनों के भीतर किया जाएगा, जिससे विश्वास और जवाबदेही बढ़ेगी।
इस पोर्टल की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता इसकी रियल-टाइम ट्रैकिंग प्रणाली है।
दावेदार:
यह प्रणाली पारदर्शिता बढ़ाती है और ग्राहकों का भरोसा मजबूत करती है।
क्लेम पोर्टल के साथ ही IOB ने अपनी नई कॉर्पोरेट वेबसाइट भी लॉन्च की है, जो एंटरप्राइज-ग्रेड Liferay Digital Experience Platform (DXP) पर आधारित है।
नई वेबसाइट की विशेषताएं:
यह उन्नत तकनीक और ग्राहक-अनुकूल सेवाओं का संयोजन दर्शाता है कि बैंक डिजिटल युग में भी “मानवीय स्पर्श” बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
यह कदम IOB की व्यापक डिजिटल परिवर्तन यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
क्यों महत्वपूर्ण है?
यह पहल तकनीक और संवेदनशीलता के संतुलन का उदाहरण है, जिससे डिजिटल बैंकिंग अधिक सुलभ, पारदर्शी और सहानुभूतिपूर्ण बनती है।
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