INS तारागिरी कमीशन हुआ – इस युद्धपोत को क्या बात खास बनाती है?

भारत की समुद्री सुरक्षा को और मज़बूत करने के लिए, भारतीय नौसेना ने 3 अप्रैल, 2026 को विशाखापत्तनम में ‘INS तारागिरी’ नामक नवीनतम स्टेल्थ फ्रिगेट को कमीशन किया। भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति में इस युद्धपोत को लॉन्च किया गया। उन्होंने इस युद्धपोत को भारत की बढ़ती तकनीकी क्षमता, आत्मनिर्भरता और समुद्री शक्ति का प्रतीक बताया। यह ‘प्रोजेक्ट 17A’ के तहत चौथा जहाज़ है, और इसके साथ ही INS तारागिरी स्वदेशी रक्षा निर्माण और आधुनिक नौसैनिक क्षमताओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम का प्रतिनिधित्व करता है।

INS तारागिरी: मुख्य विवरण और प्रोजेक्ट 17A का अवलोकन

INS तारागिरी, प्रोजेक्ट 17A कार्यक्रम के तहत चौथा स्टील्थ फ्रिगेट है। इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य बेहतर स्टील्थ (छिपने की क्षमता) और युद्धक क्षमताओं से लैस आधुनिक युद्धपोतों का निर्माण करना है।

मुंबई स्थित मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) द्वारा निर्मित यह युद्धपोत, भारत की जहाज़ निर्माण विशेषज्ञता का एक बेहतरीन उदाहरण है।

इस युद्धपोत का विस्थापन (displacement) लगभग 6,670 टन है, जो इसे भारतीय नौसेना के लिए एक अत्यंत शक्तिशाली और महत्वपूर्ण संपत्ति बनाता है।

फ्रिगेट की उन्नत स्टेल्थ टेक्नोलॉजी

इसकी सबसे बड़ी ताकतों में से एक इसकी उन्नत स्टेल्थ क्षमता है, जो दुश्मन के रडार सिस्टम के लिए इसकी विजिबिलिटी को कम कर देगी।

इसकी मदद से, यह जहाज़ ज़्यादा गोपनीयता और प्रभावशीलता के साथ काम कर पाता है।

इसके डिज़ाइन में एक ज़्यादा सुव्यवस्थित बनावट और कम रडार क्रॉस-सेक्शन भी शामिल है, जिससे दुश्मन के लिए इस जहाज़ का पता लगाना और उसे निशाना बनाना और भी मुश्किल हो जाता है।

आधुनिक युद्ध प्रणालियों में ये विशेषताएं बहुत बड़ी भूमिका निभाती हैं।

तारागिरी के हथियार और युद्धक क्षमता

यह फ्रिगेट एक शक्तिशाली और आधुनिक हथियार प्रणाली से लैस है। यह प्रणाली इसे कई दिशाओं से आने वाले खतरों से निपटने में सक्षम बनाती है।

यह हवा, सतह और पानी के भीतर से आने वाली चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपट सकता है।

प्रमुख हथियार प्रणालियाँ

  • आक्रामक अभियानों के लिए सुपरसोनिक सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें
  • रक्षा के लिए मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें
  • उन्नत पनडुब्बी-रोधी युद्ध प्रणालियाँ

ये सभी प्रणालियाँ एक कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से एकीकृत हैं।

इंजन, गति और परिचालन क्षमता

यह जहाज़ ‘कंबाइंड डीज़ल या गैस’ (CODOG) प्रोपल्शन सिस्टम का भी इस्तेमाल करता है, जो इसे गति और दक्षता, दोनों प्रदान करता है।

इसकी मदद से यह अपनी परफॉर्मेंस से समझौता किए बिना, अलग-अलग तरह के मिशन को अंजाम दे सकता है।

यह प्रोपल्शन सिस्टम यह सुनिश्चित करता है कि जब भी ज़रूरत हो, जहाज़ तेज़ गति से चल सके; साथ ही, लंबी गश्त के दौरान ईंधन की बचत भी बनी रहे।

इसे लंबी अवधि तक चलने और लचीले ढंग से काम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

भारत की समुद्री सुरक्षा के लिए रणनीतिक महत्व

भारत के भौगोलिक और आर्थिक विकास को देखते हुए, समुद्री सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। भारत की तटरेखा 11,000 किलोमीटर से अधिक लंबी है, और इसका लगभग 95% व्यापार समुद्री मार्गों से ही होता है; ऐसे में नौसेना देश की समुद्री सुरक्षा को सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभाती है।

INS तारागिरी समुद्री मार्गों और रणनीतिक ‘चोक पॉइंट्स’ (संकरे समुद्री रास्तों) को सुरक्षित करने में योगदान देगा, साथ ही यह वाणिज्यिक जहाजों और तेल टैंकरों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करेगा। इसके अलावा, यह समुद्री डकैती-रोधी अभियानों का संचालन करेगा और तटीय निगरानी तथा रक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाएगा।

 

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

मार्च 2026 में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 30.5 बिलियन डॉलर घटा: कारण और प्रभाव

मार्च 2026 में भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में भारी गिरावट देखने को मिली, और…

39 mins ago

नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में भारत वैश्विक स्तर पर तीसरे स्थान पर: IRENA

वर्ष 2025 में, भारत दुनिया के तीसरे सबसे बड़े नवीकरणीय ऊर्जा बाज़ार के रूप में…

16 hours ago

मिशन मित्र क्या है? गगनयान के लिए ISRO का नया प्रयोग—पूरी जानकारी

भारत के गगनयान मिशन ने लद्दाख की बेहद कठिन परिस्थितियों में एक अनोखा प्रयोग शुरू…

18 hours ago

NCERT को मिला ‘डीम्ड यूनिवर्सिटी’ का दर्जा: भारत की शिक्षा व्यवस्था के लिए इसका क्या मतलब है?

केंद्र सरकार ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की सलाह पर राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण…

18 hours ago

E20 पेट्रोल क्या है? 2026 से पूरे देश में लागू नई व्यवस्था

1 अप्रैल से, पूरे देश में फ़्यूल स्टेशन अब ऐसा पेट्रोल सप्लाई कर रहे हैं…

19 hours ago

कक्षा तीन से आठ के लिए CT और AI करिकुलम लॉन्च: CBSE

सीबीएसई बोर्ड के मान्यता प्राप्त स्कूलों से लेकर 22 राज्यों के सरकारी स्कूलों के कक्षा…

22 hours ago