Categories: Banking

नौसेना और एसबीआई ने इस ई-कैश कार्ड की पहल की

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक अद्वितीय डुअल-चिप डेबिट कार्ड का जारी किया। कार्ड को खासतौर पर नौसेना कर्मियों को ऑफलाइन लेनदेन करने की सुविधा प्रदान करने के लिए विकसित किया गया है। रक्षा मंत्रालय ने इसे लेकर जानकारी दी। मंत्रालय ने बताया कि ‘एसबीआई नेवकैश कार्ड’ का उपयोग ऑनलाइन मोड (नियमित डेबिट कार्ड के रूप में) के साथ-साथ ऑफलाइन मोड में भी बैंकों से सीधे संपर्क के बगैर इस्तेमाल कर सकते हैं।

राजनाथ सिंह ने भारतीय नौसेना की ओर से आयोजित ‘स्वावलंबन 2.0’ सेमिनार में कार्ड का अनावरण किया। गौरतलब है कि नौसेना और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने इस ई-कैश कार्ड की पहल की है। यह ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड में काम कर सकता है। विमान वाहक आईएनएस विक्रमादित्य सहित भारतीय नौसेना के विभिन्न युद्धपोतों पर इसका परीक्षण किया गया है।

 

डिजिटल वित्तीय लेनदेन

नव-ईकैश कार्ड के लॉन्चिंग के मौके पर नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने कहा कि भारत सालाना 100 अरब से ज्यादा डिजिटल वित्तीय लेनदेन के साथ दुनिया का नेतृत्व कर रहा है और यह संख्या लगातार बढ़ रही है। इसलिए इससे प्रेरणा लेते हुए कैप्टन धीरज वासु और अधिकारियों ने 2020 में कैशलेस और डिजिटल भारतीय नौसेना की दिशा में एक विचार के रूप में अपना पहला कदम उठाया।

 

व्यवसाय मॉडल विकसित

एडमिरल आर हरि कुमार ने बताया कि इसके तहत डबल चिप कार्ड टेक्नोलॉजी के आधार पर उच्च समुद्र में ऑफलाइन लेनदेन के लिए एक स्टार्टअप के साथ व्यवसाय मॉडल विकसित किया गया। उन्होंने कहा, इस परियोजना को भारतीय स्टेट बैंक के द्वारा लाया गया। इसने ऑफलाइन समाधान को अपने मौजूदा ऑनलाइन समाधान में शामिल करके और 2021 में आईएनएस विक्रमादित्य पर पहले परीक्षणों के लिए मार्ग प्रशस्त करके पहल को आगे बढ़ाया। नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने कहा कि वैश्विक परिदृश्य ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आत्मनिर्भरता एक रणनीतिक आवश्यकता है। भारतीय नौसेना ने फैसला किया है कि यह 2047 तक पूरी तरह से आत्मनिर्भर होगा।

कहीं भी डिजिटल लेनदेन

  • NAV-eCash को विशेष रूप से उन स्थानों पर उपयोग के लिए डिज़ाइन किया गया है जहां वास्तविक समय के इंटरनेट कनेक्शन सीमित हैं, जिससे डिजिटल लेनदेन निर्बाध रूप से हो सके।
  • यह नवाचार डिजिटल वित्तीय समाधानों को बढ़ावा देने और विभिन्न सेटिंग्स में पहुंच बढ़ाने के देश के व्यापक लक्ष्य के अनुरूप है।

 

सहयोगात्मक प्रयास

  • NAV-eCash की अवधारणा INS विक्रमादित्य के अधिकारियों की एक टीम द्वारा विकसित की गई थी और भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक SBI द्वारा इसे साकार किया गया था।
  • कार्ड को नकद लेनदेन को डिजिटल भुगतान से बदलने के लिए तैयार किया गया है, जो विभिन्न चुनौतीपूर्ण वातावरणों में सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करता है।

 

Find More News Related to Banking

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

475 वर्ष पुराना वसई कैथेड्रल को यूनेस्को पुरस्कार: सामुदायिक संरक्षण को मिला वैश्विक सम्मान

महाराष्ट्र के वसई (पापडी गांव) में स्थित 475 वर्ष पुराना अवर लेडी ऑफ़ ग्रेस कैथेड्रल…

3 hours ago

UGC ने पूरे भारत में 32 फर्जी यूनिवर्सिटी की पहचान की, यह राज्य लिस्ट में सबसे ऊपर

यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) ने एक बार फिर देश में चल रही फर्जी यूनिवर्सिटीज की…

4 hours ago

राष्ट्रपति भवन में लुटियंस की जगह लगाई गई राजाजी की प्रतिमा

राष्ट्रपति भवन में 23 फरवरी 2026 को पहले भारतीय गवर्नर जनरल चक्रवर्ती राजगोपालाचारी के जीवन…

4 hours ago

पंजाब सरकार ‘मेरी रसोई योजना’ के तहत 40 लाख परिवारों को खाद्य सामग्री उपलब्ध कराएगी

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ‘मेरी रसोई’ योजना शुरु करने की 23 फरवरी 2026…

5 hours ago

शशि थरूर को सेंट जेवियर विश्वविद्यालय, कोलकाता ने मानद डीलिट की उपाधि दी

लोकसभा MP शशि थरूर को 21 फरवरी 2026 को कोलकाता स्थित सेंट जेवियर्स विश्वविद्यालय के…

5 hours ago

भारत-अमेरिका वज्र प्रहार 2026: हिमाचल में 16वें संयुक्त अभ्यास के लिए विशेष बल तैयार

भारत और अमेरिका 23 फरवरी से 15 मार्च 2026 तक हिमाचल प्रदेश के बकलोह स्थित…

5 hours ago